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ज्योतिष

Singh Sankranti 2022: सिंह संक्रांति के पर्व पर इस विधि से करेंगे पूजा तो पूरी होंगी सारी मनोकामनाएं

Singh Sankranti 2022: सिंह संक्रांति के पर्व पर पवित्र नदियों में स्नान करके दान आदि करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो लगभग 1 महीने तक चलने वाले इस समय के दौरान प्रतिदिन सूर्य भगवान की पूजा करनी चाहिए। 

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नई दिल्ली। हिंदू धर्म में मनाए कई त्योहारों में से एक पर्व सिंह संक्रांति का पर्व है, जो आज मनाया जा रहा है। इस दिन सूर्यदेव सिंह राशि में प्रवेश करते है। 17 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से इसकी पूजा का शुभ मुहूर्त आरंभ हो जाएगा। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव को अर्घ्य देना काफी शुभ माना जाता है। इसके अलावा, सिंह संक्रांति को नारियल पानी और दूध से भगवान विष्णु और भगवान नरसिंह का अभिषेक करने का भी नियम है। सिंह संक्रांति के पर्व पर पवित्र नदियों में स्नान करके दान आदि करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो लगभग 1 महीने तक चलने वाले इस समय के दौरान प्रतिदिन सूर्य भगवान की पूजा करनी चाहिए।

1.सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी या नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।

2.इसके बाद तांबे के लोटे में जल लाल फूल, कुमकुम, रोली-अक्षत भरकर उगते सूर्य देव को अर्घ्य दें।

3.अर्घ्य देते समय ‘ओम् आदित्याय विद्महे सहस्र किरणाय धीमहि तन्नो सूर्य: प्रचोदयात्’ मंत्र का जाप करें।

4.इसके बाद धूप-दीप लेकर अपने स्थान पर तीन बार परिक्रमा करें।

5.अब सूर्य देव को प्रणाम कर उनसे अपने कष्टों को हरने की प्रर्थना करें।

6.सूर्य देव की पूजा के बाद भगवान विष्णु और नरसिंह भगवान की पूजा भी करें।

7.सिंह संक्रांति की पूजा में भगवान को तुलसी पत्र अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है।

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