राम नवमी पर बन रहे हैं ये शुभ संयोग, ऐसे करें पूजा

हिंदू धर्म में रामनवमी बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते है। धर्मशास्त्रों के अनुसार राम नवमी के ही दिन त्रेता युग में महाराज दशरथ के घर विष्णु जी के अवतार भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म रावण के अंत के लिए हुआ था।

Written by Newsroom Staff April 13, 2019 12:43 pm

होते है।  धर्मशास्त्रों के अनुसार राम नवमी के ही दिन त्रेता युग में महाराज दशरथ के घर विष्णु जी के अवतार भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म रावण के अंत के लिए हुआ था। इस साल (2019) भी रामनवमी दो दिन मनाई जाएगी। राम नवमी मेले में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने का अनुमान है। मेले के मद्देनजर श्रद्धालुओं का अयोध्या पहुंचना जारी है।

बता दें कि 13 अप्रैल को सुबह 8 बजकर 13 मिनट तक ही अष्टमी है। उसके बाद नवमी तिथि शुरू हो  रही है। भगवान राम के मुख्य महल कनक भवन में 13 अप्रैल को भगवान राम का जन्मोत्सव पूरे जोश व धार्मिक आस्था के साथ मनाया जाएगा। यह राम महोत्सव का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

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अष्टमी और महानवमी की पूजा करने के लिए सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर को साफ कर घर के पूजा स्थल पर पूजन सामग्री रख लें। धूप दीप जलाकर रामनवमी की पूजा षोडशोपचार करें। इसके साथ ही राम रक्षास्त्रोत का भी पाठ करें।

अब नौ कन्‍याओं को घर में बुलाकर उनको भोजन कराएं और कुछ भेंट देकर खुशी खुशी विदा करें। इसके बाद घर के सभी सदस्‍यों में प्रसाद बांटकर व्रत का पारण करें।