छठ में आज खरना के दिन बन रहा है ये शुभ संयोग, जानें महत्व और पूजन विधि

खरना के दिन यानी आज से महिलाओं का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को स्नान करके विधि-विधान से रोटी और गुड़ की खीर का प्रसाद तैयार करती है।

नई दिल्ली। चार दिवसीय छठ पूजा का अनुष्ठान 31 अक्टूबर से नहाय खाय के साथ शुरू हो गया। है। आज छठ का दूसरा दिन है। आज के दिन खरना मनाया जाता है। खरना का मतलब है शुद्धिकरण। छठ का व्रत करने वाली महिलाएं नहाय खाय के दिन पूरा दिन उपवास रखकर केवल एक ही समय भोजन करती हैं। इस दिन से छठ के अंतिम दिन तक शरीर से लेकर मन तक को शुद्ध रखा जाता है। खरना के दिन विशेष पूजा का प्रावधान है।

chhath 1

खरना के दिन व्रती महिलाएं छठ मैया की पूजा करके उन्हें गुड़ से बनी खीर का प्रसाद चढ़ाती हैं और शाम के समय घर के लोगों में इसका प्रसाद बांटा जाता है। प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है जो कि सूर्य को अर्घ्य अर्पण करने के बाद समाप्त होता है।

chhath puja kharna

इस बार खरना के दिन बहुत शुभ योग बन रहा है। छठ पर रवि योग का ऐसा संयोग बना है जो नहाय खाय से लेकर 2 नवंबर तक बना रहेगा। इसी शुभ योग में डूबते सूर्य देव को संध्या कालीन अर्घ्य भी दिया जाएगा। हिंदू धर्म में रवि योग का बहुत महत्व है। ये योग अनेक प्रकार के अशुभ योगों को दूर कर देता है। रवि योग के दिन भगवान सूर्य देव की विशेष कृपा होती है और छठ में भी भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर उनकी उपसना की जाती है। इसलिए छठ पर बन रहा ये योग बहुत ही शुभ है।

chhath kharna prasad new

जानें खरना व्रत रखने की विधि

खरना के दिन यानी आज से महिलाओं का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाएगा। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं शाम को स्नान करके विधि-विधान से रोटी और गुड़ की खीर का प्रसाद तैयार करती है। इसके बाद भगवान को प्रसाद अर्पण कर लोगों को खरना का प्रसाद खिलाया जाता है।