इतिहास में पहली बार अदालत की निगरानी में होगा कबड्डी का मुकाबला

Written by Newsroom Staff September 15, 2018 10:58 am

नई दिल्ली। एशियन गेम्स के लिए कबड्डी खेल में चयन में भेदभाव के आरोप की जांच करने को भारतीय खेलों के इतिहास में पहली बार दिल्ली हाईकोर्ट की निगरानी में मैच खेला जाएगा। इस मैच का आयोजन शनिवार को सुबह 11 बजे इंदिरा गांधी स्टेडियम में किया जाएगा। यह कोई सामान्य मुकाबला नहीं, भारतीय खेलों के इतिहास में पहला मौका होगा जहां न्यायाधीश की निगरानी में एशियाड में खेली टीम बनाम इन टीमों में नहीं चुने गए खिलाड़ियों के दमखम की परीक्षा होगी।

यह मुकाबला उन पुरुष और महिला खिलाड़ियों के बीच में खेला जाएगा जिन्होंने 18वें एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और जिन्हें इन खेलों के लिए टीम में नहीं चुना गया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने इन मैचों का आयोजन कराने का निर्णय पिछले महीने लिया था।एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष टीम पहली बार फाइनल में पहुंचने में नाकाम रही जिस कारण 1990 से एशियाड का हिस्सा बने कबड्डी में भारत स्वर्ण पदक से चूक गया। भारत पिछले 7 बार से एशियाई खेलों में स्वर्ण जीत रहा था। यही हाल भारतीय महिला टीम का रहा जो फाइनल में हारकर स्वर्ण पदक से चूक गई।

आपको बताते चलें एशियाई खेलों के लिए भारतीय कबड्डी टीमों के रवाना होने से पहले पूर्व कबड्डी खिलाड़ी महीपाल सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और उन्होंने एमेच्योर कबड्डी महासंघ (एएफकेआई) पर घूस लेकर खिलाड़ियों के चयन का आरोप लगाया था। इसके बाद कोर्ट ने निर्णय लिया कि एशियाई खेलों के समापन के बाद एक मैच का आयोजन किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि खिलाड़ियों के चयन के मामले में महिपाल सिंह के आरोप सही हैं या नहीं। बता दें, न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) गर्ग शनिवार को स्टेडियम में मौजूद रहेंगे। याचिकाकर्ता महिपाल सिंह के वकील बीएस नागर ने कहा कि यह मुकाबला उन पुरुष और महिला खिलाड़ियों के बीच होगा जिन्होंने एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और जिन्हें टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया था।

वहीं अंदाजा लगाया जा रहा है की टीम का हिस्सा नहीं बनाए गए खिलाड़ी वहीं होंगे जिन्होंने राष्ट्रीय शिविर में भाग लिया था। इसमें (आदेश में) यह नहीं कहा गया कि एशियाई खेलों की टीम का हिस्से रहने वाले खिलाड़ियों का मैच में भाग लेना अनिवार्य है, इसे खिलाड़ियों के विवेक पर छोड़ दिया गया है।