जब रत्न या वनस्पति पहनाई जाती है तो इससे सम्बंधित ग्रह की रश्मियों के प्रभाव पर अंतर आता है वे कम या अधिक प्रभाव डालते है। उनका शरीर में अवशोषण कम या अधिक हो जाता है। इन उपायों से व्यक्ति में रासायनिक परिवर्तन होते है और उसके मानसिक-शारीरिक स्थिति में आतंरिक परिवर्तन होने लगता है फलतः सोच और कर्म बदल जाते है।

हिंदू धर्मग्रन्थों के अनुसार, श्रावण मास की शुक्ल पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह नागों और सर्पों की पूजा का पर्व है। मनुष्य और नागों का संबंध पौराणिक कथाओं से झलकता रहा है।

नौकरी में यदि उच्चाधिकारी की वजह से परेशानी हो तो ऑफिस में खाली जमीन या किसी गमले आदि जहाँ पर भी मिटटी हो वहां पर सोमवार को तुलसी के सोलह बीज किसी सफेद कपडे में बाँध कर सुबह दबा दे सम्मान की वृद्धि होगी।

ध्यान रहे यह कड़ा हनुमानजी का आशीर्वाद स्वरूप है अत: अपनी पवित्रता पूरी तरह बनाए रखें। कोई भी अपवित्र कार्य कड़ा पहनकर न करें। अन्यथा कड़ा प्रभावहीन हो जाएगा।

व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानों के स्वामी यदि पवित्र एवं मन्त्रों से सिद्ध की गयी स्फटिक की माला अथवा स्फटिक रत्न को अपनी धन रखने की तिजोरी में रखें तो आश्चर्यजनक रूप से व्यापार में लाभ मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

हर शख्स में आप खूबी तलाश लेते हैं। इसी कारण से लोग आपसे प्रभावित हो जाते हैं। आप प्रेम के मामले में खिलाड़ी हैं। आपको कोई खास फर्क नहीं पड़ता जब ब्रेक अप होता है। आप तुरंत नई तलाश शुरू कर सकते हैं।

जे.गॉर्डोन मेल्टन के पारंपरिक दस्तावेजों के अनुसार सोमनाथ में बने पहले शिव मंदिर को बहुत ही पुराने समय में बनाया गया था। और दूसरे मंदिर को वल्लभी के राजा ने 649 CE में बनाया था।

मृत्यु को जीतने वाला महान मंत्र" जिसे त्रयंबकम मंत्र भी कहा जाता है, यजुर्वेद के रूद्र अध्याय में, भगवान शिव की स्तुति हेतु की गयी एक वंदना है। इस मंत्र में शिव को 'मृत्यु को जीतने वाला' बताया गया है। यह गायत्री मंत्र के समकालीन हिंदू धर्म का सबसे व्यापक रूप से जाना जाने वाला मंत्र है।

हरे रंग के श्रीगणेश की पूजा करने से ज्ञान व बुद्धि की वृद्धि होती है। विद्यार्थियों को विशेषतौर पर हरे रंग की श्रीगणेश की मूर्ति या तस्वीर का पूजन करना चाहिए।

सोमवार को नाखूनों को काटना इसलिए भी शुभ होता हैं क्यूंकि इस दिन ग्रह नक्षत्रों की दशाएं ठीक होती हैं तथा ब्रह्माण्ड से आने वाली सूक्ष्म किरणें बहुत ही शुभ होती हैं। जिनका प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता हैं और हमारी आयु में सात वर्ष की बृद्धि हो जाती है ।