मनुष्य स्वेच्छा से जन्म नहीं लेता। मनुष्य का जन्म तमाम ज्ञात और अज्ञात परिस्थितियों का परिणाम होता है। भारतीय चिंतन...

  सतत परिवर्तनशीलता प्रकृति का गुण है। इसके अन्तस में सर्वपूर्ण श्रेष्ठतम स्थिति की प्यास है। सो प्रकृति प्रतिपल सक्रिय...

ज्ञान प्राप्ति कठिन नहीं लेकिन जाने हुए को कर्म में लागू करना श्रम साध्य है। प्रकृति का अणु परमाणु गतिशील...

रूप के साथ जुड़ा नाम परिचय होता है। रूप दर्शनीय है और नाम श्रवणीय। शेक्सपियर ने कहा था कि नाम...

हमारा होना सीमा में है। लेकिन हम असीम विराट विस्तार के अंग हैं। इसलिए लघु से महत होने की संभावनाएं...

प्रकृति में सृजन का प्रवाह है। यहां प्रतिपल सृजन है। मनुष्य प्रकृति का ही वंशज है। उसे प्रकृति का नवसृजन...

जीवन सौन्दर्य का गान असंभव। अस्तित्व ध्वनि रूप, रस और गंध से भरापूरा है। रसगंध से लबालब उफनाता है प्रतिपल।...

रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति चुना जाना तय है। उनके जीवन के सत्कर्म और अनुभवों के विवरण सार्वजनिक हो चुके हैं।...

प्रश्न व्यथा देते हैं और आनंद भी। सारी दुनिया में मनोविज्ञान की प्रतिष्ठा है। सिगमण्ड फ्रायड ने मनोविश्लेषण पर साइको...

प्रसन्नता सदा मित्र ही नहीं लाते। कभी कभी विरोधी भी मन प्रसन्न कर देते हैं। राहुल गांधी अपने दल के...