भारत लौटने पर सख़्त पूछताछ होगी ‘अभिनंदन’ से! कई तरह के टेस्ट से भी गुजरना होगा

भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तान में बहादुरी और साहस का परिचय दिया। पाकिस्तान सेना के कब्ज़े में रहकर भी जाबाज ने देश के खिलाफ कुछ नहीं बताया। हालांकि अब भारत आने पर कुछ समय तक अभिनंदन को कठिन सवालों से जूझना पड़ेगा। चूंकि भारतीय कानून के मुताबिक, युद्ध कैदी रहे किसी भी जवान के साथ जैसा बर्ताव किया जाता है, वही अभिनंदन के साथ भी किया जाएगा।

Avatar Written by: March 1, 2019 2:16 pm

नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तान में बहादुरी और साहस का परिचय दिया। पाकिस्तान सेना के कब्ज़े में रहकर भी जाबाज ने देश के खिलाफ कुछ नहीं बताया। हालांकि अब भारत आने पर कुछ समय तक अभिनंदन को कठिन सवालों से जूझना पड़ेगा। चूंकि भारतीय कानून के मुताबिक, युद्ध कैदी रहे किसी भी जवान के साथ जैसा बर्ताव किया जाता है, वही अभिनंदन के साथ भी किया जाएगा।

एक चैनल की पूर्व आईपीएस अफसर से हुई बातचीत के मुताबिक, ‘अभिनंदन ने बेशक वीरता का सबूत दिया और देश को गौरव, लेकिन दुर्भाग्यवश इन-सर्विस लॉ के मुताबिक उसे भी अन्य युद्ध कैदियों की तरह कड़ी पूछताछ से गुज़रना होगा’

उन्होंने बताया कि ‘अभिनंदन ने पाकिस्तानी F-16 फाइटर जेट का मुकाबला सालों पुरानी तकनीक के फाइटर प्लेन मिग 21 के साथ वीरता से किया। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अभिनंदन का सम्मान करती हैं। लेकिन, एक बार अगर हमारा कोई जवान दुश्मन के हाथों पकड़ा जाता है तो वह कोई भी हो, उसे सख़्त पूछताछ के दौर से गुज़रना ही होता है।’

उन्होंने आगे बताया कि अभिनंदन जैसे ही भारत को सौंपा जाएगा, वैसे ही भारतीय वायु सेना इंटेलिजेंस के सपुर्द कर दिया जाएगा। उसके बाद अभिनंदन के कई परीक्षण और जांचें की जाएंगी ताकि समझा जा सके कि वह फिट और स्वस्थ हैं, पूरी स्कैनिंग होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पाकिस्तान की तरफ से उसके शरीर में किसी तरह की कोई खुफिया चिप या किसी तरह की साज़िश तो नहीं की गई।

उन्होंने बताया कि अभिनंदन के मनोवैज्ञानिक टेस्ट भी किए जाएंगे क्योंकि वह दुश्मन देश की कैद में था, वह भी बिल्कुल अकेला। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सीक्रेट के खुलासों को लेकर उसके साथ कई किस्म की ज़्यातदतियां की गई हों, यह संभव है इसलिए वह एक सदमे के दौर से गुज़रा होगा। इसी कारण ये टेस्ट किए जाते हैं।

इस बर्ताव के बारे में उनका कहना था ‘हालांकि यह बहुत कष्टदायक है, लेकिन ज़रूरी है। आईएएफ इंटेलिजेंस को यह सुनिश्चित करना होगा, कि उसके पास जो भी सूचनाएं थीं, दुश्मन की कैद में होने के दौरान उससे कितनी उगलवाई गईं और यह भी कि उसे दुश्मन देश ने अपना जासूस बनाकर तो नहीं भेजा। प्रावधानों के मुताबिक हर युद्धबंदी रहे सैनिक या सेना अफसर के साथ इस तरह का ट्रीटमेंट किया जाता है।’

उन्होंने यह भी बताया कि इस बात की संभावना कम है कि अभिनंदन को आईबी या रॉ के हवाले किया जाए क्योंकि एयर फोर्स इंटेलिजेंस अपने अफसरों को उनके सुपुर्द नहीं करता है, लेकिन अभी इस बारे में भी कुछ कहा नहीं जा सकता।

Support Newsroompost
Support Newsroompost