‘PUB-G’ नहीं गौतम गंभीर ने केजरीवाल को दिया साढ़े चार साल बनाम साढ़े चार दिन वाला चैलेंज

गौतम गंभीर ने आम आदमी पार्टी (आप) के डिबेट करने के चैलेंज को स्वीकार करते हुए कहा है कि अरविंद केजरीवाल को राजनीति में आए 4.5 साल हो गए हैं, और मुझे केवल 4.5 दिन हुए हैं। मैं कहता हूं कि 4.5 साल का आधा मुझे दें और मैं उनके साथ जनता के बीच में डिबेट करने को तैयार हूं।

Written by गंगेश ठाकुर May 2, 2019 2:41 pm

क्रिकेट के मैदान पर गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले जब राजनीति की पिच पर भाजपा की तरफ से बल्लेबाजी करने उतरे गौतम गंभीर से आखिर केजरीवाल को इतनी घबराहट क्यों होने लगी। मामला थोड़ा उलझा-उलझा सा लगने लगा था केजरीवाल को शायद। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लगने लगा था कि दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों में से जीत हासिल करने के लिए सबसे आसान सीट उनकी पार्टी के लिए पूर्वी दिल्ली की सीट होगी।

शायद यही वजह थी कि दिल्ली में सरकार गठन के बाद से ही आम आदमी पार्टी के लोग पिछले साढ़े चार साल से इस क्षेत्र में लोगों के बीच जा रहे थे और लोकसभा चुनाव में उनके पक्ष में वोट करने की अपील कर रहे थे। आप के लोगों को इस क्षेत्र में जीत की खुशबू आने लगी थी। लेकिन भाजपा की तरफ से ऐन वक्त पर इस लोकसभा सीट से उम्मीदवार बदलना आप को नहीं पच रहा है। आप के लोग अब खुद ही गौतम गंभीर को पूर्ण राजनेता बनाने के मुड में आ गए हैं। वह गंभीर को सीधे बहस की चुनौती दे रहे हैं। जिसे गंभीर ने स्वीकार भी कर लिया है। यह आप के लिए गंभीर की तरफ से दी गई अप्रत्याशित प्रतिक्रिया है जिसके बारे में कभी आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सोचा भी नहीं होगा।

दिल्ली की सातों सीटों पर जीत का सपना देख रही आम आदमी पार्टी को पहले तो गठबंधन का हिस्सा नहीं बनाकर कांग्रेस ने झटका दिया और फिर केजरीवाल के उस वादे पर भाजपा के पूर्वी दिल्ली के उम्मीदवार गौतम गंभीर ने भी सवाल उठा दिए जिसमें उन्होंने कहा कि अगर आप दिल्ली की सातों सीटों पर जीत दर्ज करती है तो वह दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाएगी। क्रिकेटर से राजनेता बने गौतम गंभीर ने आम आदमी पार्टी को उसके घोषणापत्र में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर घेरते हुए कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य के दर्जे की आड़ में आप अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है।


फिर क्या था दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल समेत पार्टी के सभी आला नेता दिल्ली की बाकी 6 भाजपा उम्मीदवारों को छोड़ केवल पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर फोकस करने लगे। केजरीवाल जिस तरह से गौतम गंभीर के नामांकन के बाद से ही उनकी उम्मीदवारी पर सवाल उठा रहे थे उससे साफ लगने लगा था कि इस सीट पर जीत का उनका सपना कहीं न कहीं उन्हें टूटता नजर आने लगा।


केजरीवाल की पार्टी की तरफ से पूर्वी दिल्ली की उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही आतिशी ने अपने प्रतिद्वंदी और भाजपा प्रत्याशी गौतम गंभीर के खि‍लाफ तीस हजारी कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पास दो वोटर आईडी कार्ड हैं। ऐसा करके आम आदमी पार्टी को लगने लगा था कि इसके जरिए गौतम गंभीर का नामांकन रद्द हो जाएगा और आतिशी की जीत का रास्ता भी साफ हो जाएगा। गौतम गंभीर के पास करोलबाग और राजेन्द्र नगर के अलग-अलग वोटर आईडी कार्ड होने की बात कही गई। इस बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी इस लड़ाई में कूद पड़े। उन्होंने ट्वीट कर जनता से अपील की है कि गौतम गंभीर को वोट देकर अपना वोट व्यर्थ न करने की अपील कर दी।


आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने पूर्वी दिल्ली की जनता से भाजपा उम्मीदवार को वोट नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि गौतम गंभीर की उम्मीदवारी रद्द होना तय है। गौतम गंभीर के पास दो मतदाता पहचान पत्र के मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 1 मई को सुनवाई हुई। कोर्ट ने आप उम्मीदवार और गंभीर की शिकायत करने वाली आतिशी को इस मामले में और दस्तावेज दाखिल करने को कहा और इस मामले की अगली सुनवाई छह मई तक टाल दी। मतलब साफ था कि अब इस मामले में भी आप को अपनी दाल गलती दिख नहीं रही है। उधर चुनाव आयोग की तरफ से स्पष्ट कह दिया गया कि गौतम गंभीर के दो वोटर आईडी मामले को लेकर उनके पास कोई शिकायत नहीं की गई है। ऐसे में उनकी तरफ से इस मामले पर कोई संज्ञान लेने का मतलब ही नहीं है।

वहीं भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल द्वारा दो मतदाता पहचान पत्र रखने के मामले में ठीक उसी तरह की याचिका तीस हजारी कोर्ट में दायर की जैसा की आतिशी ने गौतम गंभीर के खिलाफ डाला था। दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता हरीश खुराना द्वारा एक शिकायत पर कोर्ट ने संज्ञान भी लिया। अदालत ने इस मामले में संबंधित रिकॉर्ड लाने के लिए उत्तर प्रदेश और दिल्ली के राज्य चुनाव आयोग को समन जारी किया। याचिका दायर करने वाले भाजपा नेता हरीश खुराना का आरोप है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल के पास गाजियाबाद के साहिबाबाद और चांदनी चौक के सिविल लाइंस दोनों जगह से वोटर कार्ड हैं।

वहीं गौतम गंभीर को तो आप के लोग बाहरी उम्मीदवार भी बताने लगे। गंभीर नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में रहते हैं और इसी के चलते विरोधी उनके बाहरी होने को लेकर उन्हें निशाने पर लेने लगे। वहीं गंभीर ने अपने पास दो वोटर आईडी कार्ड होने का आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि उनके पास केवल एक वोटर आईडी कार्ड है। उन्होंने कहा था, ‘मेरा राजेंद्र नगर से केवल एक वोटर आईडी कार्ड है। मैं रामजस रोड (करोलबाग) में अपने दादा-दादी के साथ रहता था, लेकिन वहां से मैंने कभी वोटर कार्ड के लिए आवेदन नहीं किया या वोट नहीं दिया।’

आम आदमी पार्टी ने गंभीर ने नामांकन को रद्द कराने के लिए एक और आरोप उनपर लगाए। आप ने आरोप लगाया कि गंभीर के नामांकन के समय जिस नोटरी स्टाम्प का इस्तेमाल किया गया है वो बैक डेट का है। लेकिन इस पर गंभीर के वकील ने कहा कि आम आदमी पार्टी जिस चीज़ को बैक डेट का नोटरी स्टाम्प बता रही है वो दरअसल नोटरी रजिस्टर का सीरियल नम्बर है। बाद में रिटर्निंग ऑफिसर ने गंभीर का नामांकन स्वीकार कर लिया।

लेकिन केजरीवाल शायद यह भूल गए थे कि इस बार उनकी पार्टी के उम्मीदवार का मुकाबला भाजपा के इस क्षेत्र से सांसद महेश गिरी से नहीं बल्कि टीम इंडिया को 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 में 50 ओवर वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले गौतम गंभीर से है। जब इन सारे हथकंडों से आप को कुछ हासिल नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी प्रत्याशी आतिशी ने गंभीर को दिल्ली सरकार की ओर से एक ऑफर दिया। यह ऑफर है दिल्ली सरकार की ओर से प्रस्तावित क्रिकेट एकेडमी चलाने का। पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी आतिशी के ट्वीट को रिट्वटीट किया। जिससे पता चलता है कि आतिशी ने जो ऑफर दिया है, उससे केजरीवाल भी सहमत थे।


केजरीवाल को अपने पर हमलावर होता देख अब गौतम गंभीर ने भी राजनीतिक दावपेंच खेलने शुरू कर दिए हैं और उन्होंने केजरीवाल के काम करने के तरीके पर जमकर चुटकी ली। गंभीर ने कहा, “उनका विजन बहुत नकारात्मक है। पहले वह पार्टी की आलोचना करते हैं फिर उनसे माफी मांगते हैं। हम देख रहे हैं कि वह कितने हताश होकर उस पार्टी के साथ हाथ मिलाने की कोशिश कर रहे हैं जिसकी वह पहले आलोचना करते थे और भ्रष्टाचारी कहते थे।”

गौतम गंभीर ने आम आदमी पार्टी (आप) के डिबेट करने के चैलेंज को स्वीकार करते हुए कहा है कि अरविंद केजरीवाल को राजनीति में आए 4.5 साल हो गए हैं, और मुझे केवल 4.5 दिन हुए हैं। मैं कहता हूं कि 4.5 साल का आधा मुझे दें और मैं उनके साथ जनता के बीच में डिबेट करने को तैयार हूं। गौतम गंभीर ने यह बात एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मेरे बारे में अफवाह फैलाई जा रही है कि मुझे डिबेट से डर लगता है। मैं बता दूं कि मुझे पाकिस्तान से तो डर लगता नहीं है, डिबेट से क्या डर लगेगा? वीडियो के माध्यम से उन्होंने आम आदमी पार्टी को कहा कि मैं चैलेंज स्वीकार करता हूं, जगह आपकी, समय आपका लेकिन सोशल मीडिया पर नहीं बल्कि जनता के बीच डिबेट करुंगा।

अब ऐसे में केजरीवाल को समझ लेना चाहिए की राजनीति की पिच पर भी गौतम गंभीर पूरी तैयारी के साथ उतरे हैं। उन्होंने राजनीति में आने से पहले जिस प्रकार से लोगों की सेवा का कार्य किया है, उसने उनकी अलग छवि बनाई है। वे धरने की रणनीति से राजनीति की पिच तक नहीं पहुंचे हैं, बल्कि देश के लिए शहीद होने वाले सैनिकों की सहायता कर अपनी पहचान बढ़ाई है। ऐसे में उनकी बातों को लोग सुन भी रहे हैं और समझने का कोशिश भी कर रहे हैं। अब केजरीवाल के लिए भी गौतम गंभीर से परेशानी की वजह भी शायद यही है। मतलब साफ है केजरीवाल को इस बार गौतम गंभीर ने PUB-G खेलने का नहीं विकास पर बात करने का चैलेंज दे डाला है।