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गतिशील समाज वर्तमान से संतुष्ट नहीं रहते। राजव्यवस्था से भी नहीं। जनतंत्री देशों में चुनाव होते हैं। राजव्यवस्था के कर्ताधर्ता...

‘सत्य, शिव और सुन्दर’ प्राचीन भारतीय प्यास है। यही भारतीय संस्कृति का मूल स्वरूप भी है। हमारे पूर्वजों ने इस...

नई दिल्ली। डोकलाम से चीन ने पैर वापस खींचने में ही भलाई समझी। इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत के...

इकाई का महत्व अनंत में है। हम इकाई हैं, लेकिन विराट जगत् में कुछ भी नहीं। हम अनंत का भाग...

मनुष्य संसार में है और संसार बड़ा है। प्रकृति की अनेक शक्तियां भी सक्रिय हैं। सो संसार और मनुष्य के...

लेखक रत्नेश्वर कुमार सिंह को उनके उपन्यास ‘रेखना मेरी जान’ के लिए 1 करोड़, 75 लाख रुपए में अनुबंधित किया...

मनुष्य स्वेच्छा से जन्म नहीं लेता। मनुष्य का जन्म तमाम ज्ञात और अज्ञात परिस्थितियों का परिणाम होता है। भारतीय चिंतन...

  सतत परिवर्तनशीलता प्रकृति का गुण है। इसके अन्तस में सर्वपूर्ण श्रेष्ठतम स्थिति की प्यास है। सो प्रकृति प्रतिपल सक्रिय...

राष्ट्रपति के बाद अब उपराष्ट्रपति चुनाव में भी विपक्ष को मुंह की खानी पडी है। भाजपा ने देश की सत्ता...