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कोरोना महामारी से विश्व अशांत है। विश्व मानवता पर व्यथित है। दुनिया भयग्रस्त है। मृत्यु सामने है। चिकित्सा विज्ञान के सामने अभूतपूर्व चुनौती है। यहां तक की विश्व स्वास्थ्य संगठन भी संकट में है और अशांत है। 

आत्मनिर्भरता सबसे बड़ा सुख है। आत्मनिर्भर समाज और राष्ट्र अपने निर्णयों में दबावमुक्त रहते हैं। सशक्त राष्ट्र अपने समाज जीवन के सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर होने का लक्ष्य रखते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रजीवन के सभी क्षेत्रों में आत्म निर्भर बनाने का प्रयास लगातार किया है। आत्मनिर्भर होने की प्राथमिक शर्त है- अन्न आत्म निर्भरता।

सरकार के गठन के बाद जिस तरह से ताबड़तोड़ फैसले लिए गए उसने एक साल के मोदी सरकार 2.0 के कार्यकाल में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ और ऊंचा कर दिया।

30 मई 2019 को जैसे ही नरेंद्र मोदी सरकार 2.0 का गठन हुआ। उसके बाद से ही सरकार की तरफ से जनहित में कई फैसले बड़ी तेजी से लिए गए।

2019 में डेढ़ महीने तक चले आम चुनाव में थकान भरी कवायद के बाद परिणाम आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ पहुंचे थे और उन्होंने भगवान शिव का रूद्राभिषेक कर उनकी आराधना की थी।

2019 में आम चुनाव से ठीक पहले देश के लगभग हर मंच पर विपक्षी एकता साफ नजर आ रही थी। इन विपक्षी दलों का सिर्फ और सिर्फ एक मकसद था किसी तरह नरेंद्र मोदी सरकार को सत्ता में दोबारा लौटने से रोकना।

नरेंद्र मोदी सरकार 1.0 में सियासी ताज सजने तक पार्टी की कमान भले राजनाथ सिंह के हाथ हो लेकिन सरकार गठन के बाद से पार्टी की कमान अमित शाह के मजबूत हाथों में आ गई।

सरकार के गठन के बाद जिस तरह से ताबड़तोड़ फैसले लिए गए उसने एक साल के मोदी सरकार 2.0 के कार्यकाल में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ और ऊंचा कर दिया।

जहां एक तरफ पूरी दुनिया कोरोनावायरस के कहर से त्राहिमाम कर रही है वहीं नरेंद्र मोदी सरकार की सफल नीतियों और इस दिशा में किए गए पूर्वनियोजित प्रयासों का नतीजा है कि देशभर में इसका कहर वैसा नहीं बरपा है जैसा पूरी दुनिया भारत के बारे में अनुमान लगा रही थी।