ऑटो सेक्टर में कर्मचारियों की छंटनी कर उनकी जिंदगी से ना खेलें कंपनियां- राजीव बजाज

बजाज ने कहा कि वित्तीय मदद मांगने से पहले उद्योग को खुद से यह पूछने की जरूरत है कि क्या उसने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए पर्याप्त प्रयास किए हैं।

Avatar Written by: August 23, 2019 6:47 pm

नई दिल्ली। बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने ऑटोमोबाइल उद्योग में सुस्ती की दुहाई देकर सरकार से प्रोत्साहन पैकेज मांगने वालों को करारा जवाब देते हुए कहा है कि उद्योगों को सरकार से किसी तरह की मदद मांगने से पहले अपनी कमियों पर ध्यान देना चाहिए। ऑटोमोबाइल क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां मारुति तथा महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने बिक्री में गिरावट से निपटने तथा छंटनी को रोकने को लेकर ऑटो उद्योग के लिए केंद्र से वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज की मांग की है।

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बजाज ने कहा कि वित्तीय मदद मांगने से पहले उद्योग को खुद से यह पूछने की जरूरत है कि क्या उसने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए पर्याप्त प्रयास किए हैं। गुरुवार को एक बिजनस चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग के उत्पाद ‘औसत दर्जे’ के होते हैं।

उद्योगों को खुद के अंदर झांकने की जरूरत

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राजीव बजाज ने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग में जो मंदी का माहौल है, वह उसकी खुद की वजह से है। उन्होंने कहा, ‘अधिकतर कंपनियां अपने उत्पादों का निर्यात करने मे सक्षम नहीं हैं, जिसका कारण उनकी गुणवत्ता का औसत दर्जे का होना है, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में वह टिक नहीं पाता। मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता हूं, लेकिन जब आप कुछ भी बनाने हैं… जब आप स्कूटर, बाइक, कार, जीप, एसयूवी, ट्रक तथा बस बनाएंगे, वह निश्चित तौर पर किसी भी रूप में विश्वस्तरीय नहीं होने जा रहा।’

ऑटो इंडस्ट्री में कोई संकट नहीं

ऑटो इंडस्ट्री में हाल के दिनों में कर्मचारियों की छंटनी से जुड़ी रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए बजाज ने कहा कि इस तरह का भय बेचने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात से सहमति जताता हूं कि यह कठिन वक्त है, लेकिन बिक्री में महज पांच से सात फीसदी की गिरावट को संकट का नाम नहीं दिया जा सकता।’

कर्मचारियों की छंटनी न्यायोचित नहीं

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उन्होंने कहा, ‘अगर मैं अपने कर्मचारियों से कहूं कि वक्त ठीक नहीं चल रहा है, मैं आपको बाहर निकालने जा रहा हूं, तो मेरे कर्मचारी मुझपर भरोसा कैसे करेंगे।’ बजाज ने कहा, ‘इस बात के कई निहितार्थ हैं। कर्मचारियों की सैलरी बिक्री का महज सात फीसदी है, इसलिए इस तरह की छोटी सी बचत के लिए कर्मचारियों को निकाल फेंकना क्या न्यायोचित है। मैं तो कर्मचारियों के परिवारों और उनके रोजी-रोटी के साथ खिलवाड़ करना पसंद नहीं करूंगा।’

निर्यात पर फोकस करे इंडस्ट्री

उद्योग को भारत के बाहर अपना विस्तार करने से जुड़े सवाल पर बजाज ने कहा कि उद्योग को घरेलू बाजार में बिक्री में हो रही गिरावट से निपटने के लिए वैश्विक बाजारों में निर्यात पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

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