नरेंद्र मोदी सरकार के इस कल्याणकारी फैसले से छह करोड़ से ज्यादा पीएफ खाताधारकों को होगा फायदा

कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 8.65 फीसदी ब्याज दर का रास्ता साफ हो गया है। वित्त मंत्रालय से इस दर पर सहमति मिलने की जानकारी देते हुए श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने शुक्रवार को कहा कि जल्द ही इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

Avatar Written by: August 31, 2019 9:58 am

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) पर वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 8.65 फीसदी ब्याज दर का रास्ता साफ हो गया है। वित्त मंत्रालय से इस दर पर सहमति मिलने की जानकारी देते हुए श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने शुक्रवार को कहा कि जल्द ही इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इस फैसले से देश के छह करोड़ से ज्यादा पीएफ खाताधारकों को फायदा होगा। इस अधिसूचना के जारी होने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कोष का रखरखाव करने वाली संस्था कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के लिए इस दर पर निकासी के दावों का निस्तारण करना संभव होगा। अभी तक ईपीएफओ वित्त वर्ष 2018-19 के पीएफ निकासी के दावों का 8.55 फीसदी दर पर ही निस्तारण कर रहा है। फिक्की के निजी सुरक्षा गार्डों के एक कार्यक्रम के दौरान गंगवार ने कहा, ‘वित्त मंत्रालय 2018-19 के लिए 8.65 फीसदी ब्याज पर असहमत नहीं है। मैं मानता हूं कि इसके लिए जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।’santosh gangwarफरवरी में ही ईपीएफओ से जुड़े फैसले लेने वाले सबसे अहम संस्थान केंद्रीय ट्रस्टी बोर्ड ने 2018-19 के लिए ईपीएफ दर 8.65 फीसदी रखने का फैसला किया था, जो बीते तीन साल में पहली बढ़ोतरी होगी। इस बीच ऐसी भी खबरें थीं कि वित्त मंत्रालय ब्याज दर बढ़ाने के फैसले पर राजी नहीं है। हालांकि अप्रैल में वित्त मंत्रालय की इकाई वित्त सेवा विभाग ने इस ब्याज दर पर सहमति जाहिर कर दी थी।

इसके अलावा निजी सुरक्षा गार्ड उद्योग पर फिक्की समिति के अध्यक्ष रितुराज सिन्हा ने कहा कि मौजूदा सुस्ती के बावजूद निजी सुरक्षा बढ़ती जा रही है और रोजगार पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘वरिष्ठ मंत्रियों ने जीएसटी, वेतन संहिता, छोटी कंपनियों को कर्ज की उपलब्धता और श्रम सुधारों के अनुपालन जैसे मुद्दों पर भरोसा मिल चुका है।’