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शुक्रवार को शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी आई। सेंसेक्स 1000 से ज्यादा अंकों की छलांग लगाकर 31,000 के पार चला गया और निफ्टी भी 9000 के उपर तक उछला।

रेपो रेट की यह कटौती आरबीआई इतिहास की सबसे बड़ी है। रेपो रेट कटौती का फायदा होम, कार या अन्य तरह के लोन सहित कई तरह के ईएमआई भरने वाले करोड़ों लोगों को मिलने की उम्मीद है। 

कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए राज्य और केंद्र सरकार लगातार एहतियाती कदम उठा रही है। इस बीच मास्क और सेनिटाइजर की कमी को देखते हुए सरकार अब बिहार रूरल लाइवलिहुड प्रोजेक्ट(जीविका) के तहत महिलाओं द्वारा मास्क तैयार करवाने की योजना बनाई है।

पूरे देश में 21 दिनो का लॉक डाउन है। पर इस दौरान चिंता करने की कोई जरूरत नही है क्योंकि सभी जरूरी सामानों की होम डिलीवरी के प्रबंध किए गए हैं। होम डिलीवरी करने वालों को पास जारी किए गए हैं। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश हैं कि वह इन्हें काम से नही रोकेगा।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 537.93 अंकों की तेजी के साथ 29,073.1 पर खुला और 29,083.88 तक उछला हालांकि इस दौरान सेंसेक्स का निचला स्तर 28,607.75 रहा।

विदेशी बाजारों से मिले मजबूत संकेतों से भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार रिकवरी आई और सेंसेक्स 1862 अंकों की तेजी के साथ 28536 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 517 अंकों की तेजी के साथ 8318 पर बंद हुआ। कोरोना के प्रकोप से मची तबाही से उबरने के लिए भारत समेत दुनिया के अन्य देशों की सरकारों द्वारा राहत पैकेज की घोषणा की उम्मीदों से शेयर बाजारों में तेजी लौटी है

ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट ने बुधवार को कहा कि उसने परिचालन और सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है, जिसमें किराना वस्तुएं भी शामिल हैं। यह फैसला 21 दिनों तक लॉकडाउन को देखते हुए लिया गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के 50 शेयरों पर आधारित प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी पिछले सत्र से 65.90 अंकों की गिरावट के साथ 7,735.15 पर खुला और 7,980.35 तक उछला, हालांकि शुरूआती कारोबार के दौरान निफ्टी का निचला स्तर 7,732.10 रहा।

कोरोनावायरस दुनियाभर में कहर मचा रहा है। जिसके चलते देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन कि नौबत आ गई है। इसी वजह से देश के कई कारखाने बंद हो रहे हैं, जिससे उसमे काम करने वाले लोग घर में रह सके। कोरोनावायरस का असर अब देश के सीमेंट कारखानों पर भी पड़ गया है। देश के सीमेंट कारखानों ने काम बंद करने कि बात कही है।