Thursday, September 20, 2018

भारतीय समाज हजारों वर्ष पहले से तर्कशील रहा है

भारतीय समाज हजारों वर्ष पहले से तर्कशील रहा है। दुनिया के अन्य आस्तिक समुदायों में ईश्वर अतक्र्य आस्था है लेकिन भारत में ईश्वर पर...

सोशल मीडिया में सत्य, शिव और सुंदर

अभिव्यक्ति हरेक व्यक्ति की स्वाभाविक अभिलाषा है। हम स्वयं को भिन्न भिन्न आयामों में प्रकट करते हैं। अपने बाल काढ़ने का ढंग, मूंछो को...

आकाश में उड़ना सबकी इच्छा है

आकाश सबसे ऊँचा। ऊँचे से ऊपर। ऋग्वैदिक पूर्वजों ने शिखर ऊँचाई के लिए ‘परम व्योम’ शब्द प्रयोग किया है। प्रत्येक जीव आकाश छूना चाहता...

संस्कृति विवेक का आनंद है

संस्कृति विवेक का आनंद है। भाषा की दृष्टि से संस्कृति शब्द संस्कृत का विकास है। संस्कृत का अर्थ है परिष्कृत किया हुआ। विवेकपूर्ण ढंग...
Bhagwad Geeta

गीता में आत्मा को शरीर धारक कहा गया है

ज्ञान और अज्ञान भारतीय चिन्तन के चर्चित विषय रहे हैं। अज्ञान को दुखों का कारण माना गया था और ज्ञान को सभी सुखों की...

आत्मबोध कठिन साधना है

धर्म सांसारिक आचार संहिता है। देशकाल के अनुसार परिवर्तनीय है। भूत, भविष्य मनुष्य मन के गढ़े विचार हैं। गतिशील संसार दिक्काल के अधीन है।...

ज्ञान तृप्ति है और परमज्ञान परम तृप्ति

आत्मज्ञान स्वयं का बोध है। लेकिन स्वयं द्वारा स्वयं को जानना कठिन है। ज्ञान प्राप्ति में हमेशा ‘दो तत्व’ होते हैं। पहला जानने का...

ज्ञान अतृप्ति का अपना आनंद है

ज्ञान अतृप्ति का अपना आनंद है। उपनिषद् साहित्य में इसीलिए प्रश्न और प्रतिप्रश्न हैं। प्रश्नों की इसी परंपरा के कारण भारत में सृष्टि रहस्यों...

प्रकृति में प्रतिपल आश्चर्यजनक घटित हो रहा है।

तरूणाई प्रश्न बेचैन नहीं है। प्रकृति में प्रतिपल आश्चर्यजनक घटित हो रहा है। सूर्य का उदय और अस्त विस्मय क्यों नहीं पैदा करता? प्रश्नों...

चार साल में लिए गए इन बड़े फैसलों ने बना दी मोदी सरकार की...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने देश में विकास की दिशा को गति देने के लिए अनेकों योजनाओं की शुरुआत की है,...

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