कोरोनावायरस

Coronavirus: इस बीच ओमिक्रॉन आंकड़ा बढ़कर 5,488 हो गया है, जिनमें से 2,162 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है। मंत्रालय ने कहा कि अब तक कुल 28 राज्यों ने नए वेरिएंट का पता लगाया है।

इससे पहले मोदी ने रविवार को हालात की समीक्षा के लिए अफसरों के साथ बैठक की थी। समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी राज्यों में तैयारियों पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा था। इसके अलावा ऑक्सीजन और दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित रखने पर भी मोदी ने जोर दिया था।

कोरोना हर राज्य में बढ़ रहा है, लेकिन 5 राज्यों में इसकी रफ्तार काफी तेज है। इसे देखते हुए पीएम मोदी ने गुरुवार को सभी राज्यों के सीएम की बैठक का फैसला किया है। जिन 5 राज्यों में कोरोना के सबसे तेज मामले बढ़े हैं, उनमें पहले नंबर पर महाराष्ट्र और दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है।

महाराष्ट्र और दिल्ली समेत 5 राज्यों में कोरोना का ज्यादा प्रकोप है। दिल्ली में मंगलवार को कोरोना के 21259 नए मरीज मिले। यहां 23 लोगों की मौत हुई। राजधानी में पॉजिटिविटी रेट 25 फीसदी से ज्यादा है। महाराष्ट्र में मंगलवार को 34424 नए कोरोना मरीज मिले हैं। ओमिक्रॉन के कुल मरीज 1281 हैं।

ICMR : भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देश के मुताबिक, अब स्पर्शन्मुखी होने पर किसी को भी कोरोना टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा घरेलू यात्रा करने पर किसी भी यात्री को कोरोना का टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी।

Coronavirus: देश में बीते 24 घंटे में सामने आए कुल मामले का 58.08% इन्हीं पांच राज्यों से है। इसके साथ ही महाराष्ट्र में अकेले 19.92% केस सामने आए हैं। देश में पिछले 24 घंटे में 277 लोगों की जान भी गई है।

मुंबई में सोमवार रात तक 13648 केस मिले। जबकि, महाराष्ट्र में 33470 मरीज सामने आए। राज्य में 13 लोगों की जान गई। दिल्ली में कोरोना के 19166 केस मिले। राहत की बात ये कि दिल्ली मे कुल 65806 कुल मरीजों में से 44028 घरों में ही इलाज करा रहे हैं।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल कोरोना को दूसरी बार हरा चुके हैं। केजरीवाल ने रविवार को ट्वीट कर बताया था कि वो ठीक होकर काम पर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा था कि फिलहाल दिल्ली में लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा सरकार नहीं रख रही। लेफ्टिनेंट गवर्नर और वो हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। देश में रविवार को एक दिन मे डेढ़ लाख मरीज मिले। ये संख्या 224 दिन बाद देखी गई। इससे अब सक्रिय मामले भी करीब 6 लाख हो चुके हैं। संक्रमण दर 10.21 फीसदी हो गई है। जबकि, ठीक होने की दर करीब 97 फीसदी है। मृत्युदर भी पहले के 1.38 से घटकर 1.36 फीसदी हो गई है।