दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन क्यों हो रही है बार-बार खराब ? जर्मनी के इंजीनियर करेंगे मदद

नई दिल्ली। पिछले एक साल के दौरान दिल्ली मेट्रो अलग-अलग रूट्स पर सिग्नल में आई तकनीकी खामी से ट्रेनों की आवाजाही के कई घंटों तक बाधित होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर सिग्नल की खामी 24 घंटे बाद भी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई। बता दें, नोएडा सिटी सेंटर/वैशाली से द्वारका रूट पर ट्रेनों की लोकेशन ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर को नहीं मिल पा रही थी।

इसके चलते ट्रेनों को मैन्युअल मोड से चलाया गया, जबकि सिग्नल की दिक्कत के चलते वैशाली की ओर से आने वाली ट्रेनों को यमुना बैंक पर ही रोका जा रहा था। बुधवार दोपहर 12 बजे से बृहस्पतिवार रात 10 बजे तक लगातार यात्री तकनीकी दिक्कत से जूझते रहे। ब्लू लाइन पर यात्रियों को पंद्रह से बीस मिनट के अंतराल पर मेट्रो मिली।

नोएडा और गाजियाबाद को दिल्ली से जोड़ने वाली मेट्रो की सबसे लंबी व पुरानी ब्लू लाइन पर लगातार सिग्नल की दिक्कत आ रही है। ब्लू लाइन पर दो हफ्ते में तीसरी बार तकनीकी खामी के चलते यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।

लगातार दो दिन तक मेट्रो के रुक-रुक कर चलने से सकते में आया DMRC भी अब इस मुद्दे पर गंभीर हो गया है। DMRC ने ब्लू लाइन के सिग्नल सिस्टम का सॉफ्टवेयर तैयार व रखरखाव करने वाली जर्मनी की कंपनी सीमेंस को डेटा भेजा है। डीएमआरसी ने सॉफ्टवेयर को ठीक करने के लिए कहा है। वहां के विशेषज्ञ जर्मनी में बैठकर मेट्रो के सिग्नल सिस्टम के सॉफ्टवेयर को दुरुस्त करने में जुट गए हैं।

डीएमआरसी के प्रवक्ता अनुज दयाल ने बताया कि सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामी के कारण ब्लू लाइन पर मेट्रो सेवा को लेकर दिक्कत हुई। हालांकि तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए जर्मनी से मदद मांगी है। ये कंपनी जर्मन की है और वहां इससे जुड़े विशेषज्ञ मौजूद हैं। जल्द ही वहां से मदद मिलने के बाद इस तकनीकी खराबी को दूर किया जाएगा।

हालांकि डीएमआरसी ने मेट्रो सेवा को आसान बनाने के लिए द्वारका सेक्टर-21 से नोएडा सिटी सेंटर के बीच सिग्नल की समस्या को ठीक कर लिया है, इसलिए इस रूट पर तो ट्रेनें ऑटोमेटिक कंट्रोल सिस्टम के जरिये चलती रहीं। इस रूट पर ट्रेनें ऑटोमेटिक तरीके से 3 मिनट 30 सेकेंड की फ्रीक्वेंसी पर चलाई गईं। यमुना बैंक से वैशाली के बीच 5 मिनट 30 सेकेंड की फ्रीक्वेंसी पर ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है।

दिल्ली मेट्रो मुख्यालय (बाराखंबा) स्थित ऑपरेशनल कंट्रोल सेंटर में ब्लू लाइन के 17 इंटरलॉकिंग प्वाइंट (जहां से ट्रेन की लोकेशन सेंट्रल कंट्रोल रूम को जाती है) से सिग्नल की दिक्कत शुरू हुई। मुख्य कंट्रोल रूम में कभी सिग्नल आता, तो कभी चला जाता। इसी के चलते ट्रेन को मैनुअल मोड में चलाना पड़ा। मैनुअल मोड में चलाने से ट्रेन की स्पीड कम करनी पड़ी। इसी के साथ डीएमआरसी प्रबंधन के इंजीनियर्स की टीम तकनीकी खामी को ठीक करने में जुट गई।

Facebook Comments