SC/ST और ओबीसी के पक्ष में मोदी सरकार का बड़ा कदम, 13 प्वाइंट रोस्टर के खिलाफ अध्यादेश

रोस्टर एक तरीका होता है जिससे यह तय किया जाता है किसी विभाग में आने वाली नौकरी किस वर्ग को मिलेगी। मसलन आरक्षित वर्ग या फिर अनारक्षित वर्ग।

Avatar Written by: March 8, 2019 4:22 pm

नई दिल्ली। विश्विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 200 प्वाइंट रोस्टर के खिलाफ 13 प्वाइंट रोस्टर लागू करने का आदेश सुनाया था। जिसपर विरोध के चलते केंद्र सरकार पर काफी दबाव था। अब गुरुवार को हुई मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक में 13 प्वॉइंट रोस्टर को पलटकर 200 प्वॉइंट रोस्टर सिस्टम लागू करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई है।

narendra-modi-cabinet-meeting-21
फाइल फोटो

कहा जा रहा है कि इस अध्यादेश के जरिए मोदी सरकार दलित-आदिवासियों और ओबीसी के वोट साधने की कवायद में है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार के मौजूदा कार्यकाल में यह आखिरी कैबिनेट बैठक है।

विश्वविद्यालयों में प्रोफेसरों की भर्ती के लिए पहले 200 प्वाइंट रोस्टर लागू था जिसके बाद 2017 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में 13 प्वाइंट रोस्टर को लागू करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी 22 जनवरी 2019 को इस फैसले को सही ठहराया। जिसके बाद से इसका विरोध होने लगा। लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोदी सरकार काफी दबाव में नजर आने लगी। उसी के चलते अब मोदी कैबिनेट ने अध्यादेश लाकर कोर्ट के फैसले को पलट दिया है। यह ठीक वैसा ही है जैसे SC/ST एक्ट में हुआ था।

रोस्टर क्या है ?

दरअसल रोस्टर एक तरीका होता है जिससे यह तय किया जाता है किसी विभाग में आने वाली नौकरी किस वर्ग को मिलेगी। मसलन आरक्षित वर्ग या फिर अनारक्षित वर्ग।

क्या है 13 प्वाइंट रोस्टर ?

13 प्वाइंट रोस्टर में 13 पदों को क्रमबद्ध तरीके से दर्ज किया जाता है। इस सिस्टम के तहत यूनिवर्सिटी को यूनिट न मानकर, डिपार्टमेंट को यूनिट माना जाता है। जैसे अगर एक डिपार्टेमेंट में 13 वैकेंसी निकलती है, तो चौथा, आठवां और बारहवां कैंडिडेट OBC के लिए आरक्षित होगा। मतलब कि एक ओबीसी कैंडिडेट डिपार्टमेंट में आने के लिए कम से कम 4 वैकेंसी होनी चाहिए। इसी तरह 7वां कैंडिडेट एससी कैटेगरी का होगा, 14वां कैंडिडेट ST होगा। बाकी 1,2,3,5,6,9,10,11,13 पोजिशन सामान्य वर्ग के लिए होंगे। 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम में आरक्षित वर्ग के लिए सीटें कम हो गईं थी।

क्या है 200 प्वाइंट रोस्टर ?

200 प्वाइंट रोस्टर में विश्वविद्यालय को एक यूनिट मान लिया जाता है। इस वजह से हर कैटेगरी के उम्मीदवार की जगह सुनिश्चित हो जाती है। 13 प्वाइंट रोस्टर के आदेश के पहले प्रोफेसरों की भर्ती 200 प्वाइंट रोस्टर के तहत की जाती थी। इस सिस्टम में अगर कैटिगरी के हिसाब से पदों का विभाजन करना हो तो संख्या 200 तक जाएगी। इसके बाद यह फिर से 1,2,3,4 संख्या से शुरू हो जाएगी। अब जब आंकड़ा 200 तक जाएगा तो ज़ाहिर है कि इसमें आरक्षित वर्ग (एससी, एसटी और ओबीसी) के लिए वेकंसी ज़रूर आएंगी। जबकि 13 पॉइंट रोस्टर प्रणाली में ऐसा हो पाना संभव नहीं है।

Support Newsroompost
Support Newsroompost