डी राजा की जस्टिस चेलमेश्वर से मुलाकात सवालों के घेरे में

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ पार्टी नेताओं की बैठक जारी है। वहीं सीपीआई नेता डी. राजा ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस चेलमेश्वर से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जस्टिस चेलमेश्वर से राजा की मुलाकात के बाद कई तरह के सवाल उठना भी लाजमी है। 

डी राजा से जस्टिस चेलमेश्वर से बैठक के बाद लोगों ने उनके बारे में कहना शुरू कर दिया कि ये वही डी राजा हैं जो कन्हैया कुमार से मिलने गए थे, गुरमैहर कौर के मामले में आगे आए थे। अवार्ड वापसी गैंग को जिनका समर्थन प्राप्त था। अफजल गुरु की फांसी का जिसने विरोध किया था। याकूब मेमन की दया याचिका पर जिसने हस्ताक्षर किया था। गौरी लंकेश की हत्या के बाद वह प्रोटेस्ट करने सड़क पर आए थे। यानि ऐसी हर जगह पर डी राजा मौजूद थे।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के नेता डी. राजा ने जस्टिस चेलमेश्वर से मुलाकात के बाद कहा कि जजों द्वारा उठाया गया कदम असाधारण है, और यह न्यायपालिका के गहरे संकट को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि जस्टिस चेलमेश्वर के साथ रिश्ता बहुत पुराना है। वे अपनी चिंताएं मेरे साथ बांटते हैं। अगर उनकी कुछ चिंताएं हैं, तो सांसदों को इस मामले पर विचार करके उसका हल ढूंढ़ने की जरूरत है।

इसके बाद राजा की जस्टिस चेलमेश्वर से मुलाकात पर लोगों ने जमकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

वहीं कांग्रेस पार्टी के नेताओं की बैठक के लिए पार्टी नेता और वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद, मनीष तिवारी, कपिल सिब्बल, विवेक तन्खा और पी. चिदंबरम राहुल गांधी के आवास पर पहुंचे हैं।

वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर हुई जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चार जजों से मिली जानकारी ने देश के एक नागरिक के रूप में हमें निराश किया है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका और मीडिया लोकतंत्र के खंभे हैं। लोकतंत्र के लिए न्यायपालिका में केंद्र सरकार की दखलअंदाजी खतरनाक है।

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार मौजूदा जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सुप्रीम कोर्ट के प्रशासन पर ठीक तरीके से काम न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो लोकतांत्रिक परिस्थिति ठीक नहीं रहेगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल थे।

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