राफेल डील मामले को लेकर एचएएल जाने वाले थे राहुल गांधी, कर्मचारियों ने मिलने से किया मना

नई दिल्ली। राफेल विमान खरीद सौदे पर कांग्रेस सरकार को घेरने में कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहती। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में पार्टी इस मुद्दे को पूरे जोर शोर से उठाने की कोशिश में लगी है। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 13 अक्तूबर को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कर्मचारियों से मुलाकात करनेवाले थे। इसके साथ ही वह बेंगलुरु में कैंडल मार्च भी निकालने की योजना बना चुके थे।Dinesh Gundu Rao, KPCC President Congress लेकिन हिन्‍दुस्‍तान एरोनॉटिक्‍स लिमिटेड(एचएएल) की ओर से कहा गया है कि राहुल गांधी के उसके कर्मचारियों के साथ मुलाकात का कोई कार्यक्रम नहीं है। एचएएल के चीफ मीडिया कम्युनिकेटर गोपाल सुतर ने कहा कि वो एचएएल कर्मचारियों से मिलने नहीं बल्कि उसके एक प्रोग्राम में शामिल होने आ सकते हैं। बुधवार को कुछ कांग्रेस नेताओं की ओर से कहा गया था कि 13 अक्टूबर को राहुल बेंगलुरू में एचएएल के कर्मचारियों से बात करेंगे।

Rahul Gandhi
राफेल डील पर एचएएल जाने वाले थे राहुल गांधी

एचएएल अधिकारियों ने बताया है कि 13 अक्टूबर को एक कार्यक्रम हो रहा है, जिसका विषय ‘भारत के लिए एचएएल का योगदान’ है। इसमें एचएएल के कर्मचारियों समेत कोई भी शामिल हो सकता है। ऐसे में राहुल गांधी एचएएल के कर्मचारियों से मिलने नहीं आ रहे हैं।HAL Bengaluru

हालांकि सूत्रों की मानें तो एचएएल के कर्मचारी संघ के नेताओं ने राहुल गांधी से मिलने से सीधे तौर पर इंकार कर दिया और राहुल गांधी के संबोधन में और उनके साथ बातचीत में शामिल होने के लिए भी वह तैयार नहीं हैं। कर्मचारी संघ का कहना है कि राजनैतिक दुरुपयोग के लिये वह इस्तेमाल नहीं होना चाहते हैं।


इससे पहले कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव ने बताया था कि एचएएल के कर्मचारियों से बातचीत के लिए राहुल गांधी शनिवार को बेंगलुरू पहुंच सकते हैं। वो वहां एचएएल के कर्मचारियों से बातचीत और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। ये इसलिए अहम था क्योंकि यूपीए के समय फ्रांस से रफाल विमानों की खरीद का समझौता जब हुआ तो एचएएल को ही फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट के साथ मिलकर भारत में रफाल विमान बनाने की जिम्मेदारी दिए जाने की बात सामने आई थी। जिसे एनडीए की सरकार ने रद्द कर दिया और अनिल अबानी की कंपनी इसमें नई साझीदार बनी।


इससे पहले कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता जयपाल रेड्डी ने कहा कि राफेल विमान सौदे में एचएएल सबसे बड़ी पीड़ित कंपनी है। एचएएल में करीब 30 हजार लोग काम करते हैं। राफेल सौदा रद्द होने के बाद कंपनी से कर्मचारियों को निकाला जा रहा है।


कांग्रेस का आरोप है कि एनडीए सरकार की ओर से खरीदे जा रहे राफेल विमानों की कीमत पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के वक्त किए गए सौदे से अधिक है। पार्टी के मुताबिक यूपीए सरकार के वक्त राफेल के साथ तय हुआ था कि तकनीक का हस्तांतरण के साथ रख रखाव का जिम्मा एचएएल को दिया जाएगा पर मौजूदा सरकार ने इसे बदल दिया।

Facebook Comments