खाकी वर्दी फिर शर्मसार, कोयला व्यापारी के घर पुलिस ने डाली डकैती, 1.85 करोड़ लूटे, 2 दारोगा समेत 4 अरेस्ट

शनिवार को असलहों से लैस दारोगा पवन मिश्रा और आशीष तिवारी ने सिपाही प्रदीप तथा मुखबिर मधुकर समेत सात लोगों के साथ ओमेक्स रेजीडेंसी में कोयला व्यवसायी अंकित अग्रहरि के फ्लैट में करोड़ों की ब्लैकमनी के लिए छापामारी कर डकैती की वारदात को अंजाम दिया।

Written by: March 10, 2019 1:44 pm

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी में हुए एप्पल के मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड को लोग अभी तक भूल नहीं पाये थे कि लखनऊ में एक बार फिर पुलिस ने खाकी का दामन दागदार कर दिया। बता दें, गोसाईंगंज थाने के दारोगा ने एसआई दोस्त और साथियों के साथ मिलकर शनिवार को छापेमारी की आड़ में एक फ्लैट में घुसकर कारोबारी के 1.85 करोड़ रुपये पर डाका जाल दिया।

आपको बता दें शनिवार को असलहों से लैस दारोगा पवन मिश्रा और आशीष तिवारी ने सिपाही प्रदीप तथा मुखबिर मधुकर समेत सात लोगों के साथ ओमेक्स रेजीडेंसी में कोयला व्यवसायी अंकित अग्रहरि के फ्लैट में करोड़ों की ब्लैकमनी के लिए छापामारी कर डकैती की वारदात को अंजाम दिया।

वहीं एसएसपी ने बताया कि दारोगा पवन, आशीष के अलावा मधुकर मिश्र व चार अज्ञात के खिलाफ डकैती समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी ने बताया कि दारोगा पवन, आशीष तिवारी, सिपाही प्रदीप और उसके चालक आनंद यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, मुखबिर व अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही हैं।

क्या है पूरा मामला

व्यापारी अंकित अग्रहरी ने बताया कि, उनका कोयला और मौरंग का ट्रेडिंग व्यापार है। वे ओमेक्स सिटी के फ्लैट के फ्लैट नंबर 104 में किराए पर रहते हैं। सुबह करीब 7 बजे 7 लोगों ने बिल्डिंग के चौकीदार को मारपीट कर मेरे दरवाजे तक ले कर आए और चौकीदार के माध्यम से मेरा गेट खटखटाया। इसके बाद जब मैंने दरवाजा खोला तो वो लोग चौकीदार को धक्का देते हुए मेरे फ्लैट के अंदर घुस गए।

असलहा निकाल कर मारने धमकाने लगे। व्यापारी के मुताबिक 7 लोगों में से 2 लोग पुलिस की वर्दी पहने हुए थे। अंदर घुसते ही उसमें से एक आदमी बेड के नीचे रखे पैसे निकाल कर झोले में डालने लगा। उस आदमी को वर्दी धारी मधुकर मिश्रा नाम से बुला रहा था। मधुकर मिश्रा नाम का आदमी वर्दी वालों को पवन मिश्रा और आशीष तिवारी नाम से बुला रहा था। झोले में पैसा भरने के बाद वह सातों लोग पैसा लेकर वहां से फरार हो गए। इसके बाद मैंने जब अपना पैसा गिना तो उसमें 1 करोड़ 53 लाख बचा था। बाकी 1 लाख 85 हजार वो लोग लेकर फरार हो गए थे।

एसएसपी के निर्देश पर एसपी ग्रामीण विक्रांत वीर कारोबारी के फ्लैट पहुंचे और वहां लगा सीसीटीवी कैमरा खंगाला। फुटेज में कॉन्स्टेबल प्रदीप बैग लेकर जाता दिखा। कारोबारियों को गन पॉइंट पर लेकर लूटपाट करते पुलिसवाले और उनके साथी भी नजर आए। एसओ गोसाईंगंज ने बताया कि कॉन्स्टेबल ने ही फ्लैट में रकम होने की जानकारी दी थी। दरोगा आशीष ने उन्हें बताने की जगह अपने दोस्त एसआई पवन को बुलाया। पवन और बाकी लोग सादे कपड़ों में जबकि आशीष वर्दी पहनकर फ्लैट में घुसा था।