लोकसभा चुनाव : रमजान में वोटिंग पर टीएमसी और आप ने उठाए सवाल, कही ये बात

चुनाव आयोग की ओर से रविवार को घोषित किए गए लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम पर तृणमूल कांग्रेस के नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने सवाल उठाए हैं। उन्‍होंने चुनावों को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है।

Avatar Written by: March 11, 2019 10:52 am

नई दिल्ली। चुनाव आयोग की ओर से रविवार को घोषित किए गए लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम पर तृणमूल कांग्रेस के नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने सवाल उठाए हैं। उन्‍होंने चुनावों को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है। उन्‍होंने कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि अल्‍पसंख्‍यक मतदान करें।इसलिए रमजान के दौरान रोजे का ध्यान नहीं रखा गया है। लेकिन हम चिंतित नहीं हैं। हम वोट डालेंगे।

Firhad Hakim

हाकिम ने कहा, ‘चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और हम उसका सम्मान करते हैं। हम उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलना चाहते हैं। लेकिन 7 चरणों में चुनाव बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए मुश्किल होगा। यह उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल होगा जिनका उस समय रमजान चल रहा होगा।’

उन्होंने कहा, ‘इन तीन राज्यों में अल्पसंख्यक आबादी काफी ज्यादा है। वह रोजा रखकर वोट डालेंगे। चुनाव आयोग को इस बात को अपने दिमाग में रखना चाहिए। भाजपा चाहती है कि अल्पसंख्यक अपना वोट न डालें। लेकिन हम इससे चिंतित नहीं हैं। लोग भाजपा हटाओ-देश बचाओ को लेकर प्रतिबद्ध हैं।’

वहीं दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता और ओखला विधानसभा सीट से विधायक अमानतुल्लाह खान ने भी रमजान के दौरान वोटिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलने का दावा किया है। अमानतुल्लाह ने इस संबंध में ट्वीट करते हुए लिखा, ’12 मई का दिन होगा दिल्ली में रमजान होगा मुसलमान वोट कम करेगा इसका सीधा फायदा भाजपा को होगा।’

बता दें कि चुनाव आयोग ने 17वीं लोकसभा का चुनाव सात चरण में, 11 अप्रैल से 19 मई के बीच कराने का फैसला किया है। सातों चरण के मतदान के बाद 23 मई को मतगणना होगी।