आप ने किए थे 70 दावे, सिर्फ इतने दावों पर खरी उतर पाई केजरीवाल सरकार

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी मेनिफेस्टो में जो 70 वादे किए थे और अपने घोषणा पत्र को 70 पॉइंट एक्शन प्लान के रूप में पेश किया था, रिसर्च के दौरान उनका विश्लेषण करने पर पता चला कि उनमें से 67 वादों को पूरा करने में दिल्ली सरकार विफल रही।

Written by Newsroom Staff May 9, 2019 10:14 am

नई दिल्ली। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से लुभावने 70 वायदे किए थे। लेकिन पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर (पीपीआरसी) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार 70 में से 67 वायदों को पूरा करने में नाकाम रही है। पीपीआरसी ने एक रिपोर्ट जारी कर दावा किया कि आम आदमी पार्टी 2015 के विधानसभा चुनाव के वक्त किए गए लगभग सभी वादों को पूरा करने में नाकाम रही।

Arvind Kejriwal

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आम आदमी पार्टी ने अपने चुनावी मेनिफेस्टो में जो 70 वादे किए थे और अपने घोषणा पत्र को 70 पॉइंट एक्शन प्लान के रूप में पेश किया था, रिसर्च के दौरान उनका विश्लेषण करने पर पता चला कि उनमें से 67 वादों को पूरा करने में दिल्ली सरकार विफल रही। इस रिपोर्ट में दिल्ली सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए अपने काम को सबसे अच्छा बताया है, लेकिन रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ये वायदे भी पूरी तरह सही नहीं हैं क्योंकि जमीनी स्थिति कुछ और है।

Arvind kejriwal

मंगलवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर के निदेशक विनय सहस्रबुद्धे ने सेंटर के डायरेक्टर सुमित भसीन और वीरेंद्र सचदेवा के साथ मिलकर यह रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार शिक्षा में सबसे बड़ा सुधार करने का दावा करती है, जबकि सच्चाई यह है कि 500 नए स्कूल बनवाने का वायदा किया गया था जबकि केवल पांच फीसद स्कूलों में ही काम शुरू हो पाया है। दिल्ली के स्कूलों से पास बच्चों में से केवल 0.13 फीसद बच्चों को ही शिक्षा लोन दिया गया है। बीस नए डिग्री कॉलेज के वायदे में से एक के लिए भी काम नहीं शुरू हुआ है जबकि टीचरों की जरूरत के आधे से भी कम पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।

Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal

रिपोर्ट के मुताबिक, इसी प्रकार दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य का दावा भी बेहद खराब स्थिति में है। अस्पतालों में बिस्तरों को बढ़ाने के किए गए वायदों में 60% से ज्यादा की पूर्ति नहीं की गई है। मोहल्ला क्लीनिक पर जमीनी स्थिति बहुत खराब है। अनेक मोहल्ला क्लीनिकों पर डॉक्टरों, दवाओं, और अन्य सुविधाओं के नाम पर खर्च तो बहुत हो रहा है लेकिन अनेक मोहल्ला क्लीनिकों में आवारा पशु घूम रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में आयुष्मान योजना से लगभग 20 लाख परिवार लाभ उठा चुके हैं, दिल्ली सरकार ने अपने ही नागरिकों को इस योजना का लाभ नहीं लेने दिया है। जबकि इस योजना में पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त कराया जा सकता है।

mohalla clinic

रिसर्च के दौरान दिल्ली सरकार के वादों और दावों में जमीन आसमान का अंतर मिला। दिल्ली सरकार ने एक भी नया कॉलेज नहीं खोला, कहीं भी फ्री वाई-फाई की सुविधा शुरू नहीं की, अस्पतालों की हालत भी नहीं सुधरी, फिक्स चार्ज में बढ़ोतरी करके सस्ती बिजली के नाम पर लोगों को भ्रमित किया गया, गंदे पानी की सप्लाई संबंधी शिकायतों में 24 प्रतिशत की और पानी से जुड़ी अन्य शिकायतों में 51 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह जन लोकपाल बनाने के वादे को पूरा करने में भी आम आदमी पार्टी विफल रही। शोधकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने दिल्ली सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही रिपोर्ट तैयार की है।