नक्शा फाड़ने वाले वकील राजीव धवन की और बढ़ेंगी मुश्किलें, अब ये मुसिबत आई सामने

भाजपा नेता अभिषेक दुबे ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई है और उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि, राजीव धवन द्वारा नक्शा फाड़ने से देश में अराजकता फैलाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया गया है।

Avatar Written by: October 18, 2019 1:54 pm

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान नक्शा फाड़ने वाले वकील राजीव धवन की मुश्किलें अभी और बढ़ने वाली हैं और अब उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराया गया है। भाजपा नेता अभिषेक दुबे ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में शिकायत दर्ज कराई है और उन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि, राजीव धवन द्वारा नक्शा फाड़ने से देश में अराजकता फैलाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया गया है।

rajeev dhawan

उल्‍लेखनीय है कि गुरुवार को अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन द्वारा कोर्ट में नक्शा फाड़े जाने को लेकर हिंदू सेना ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को पत्र लिखकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

इस पत्र में कहा गया है कि राजीव धवन ने कोर्ट में नक्शा फाड़ कर हिंदुओं का अपमान किया है, लिहाजा उनके खिलाफ कार्रवाई। साथ ही राजीव धवन की वरिष्ठता वापस लेने की मांग की गई है।

दरअसल, अयोध्या विवाद मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्ष द्वारा हिंदू पक्ष की तरफ से जमा दस्तावेज के टुकड़े-टुकड़े फाड़ दिए जाने की वजह से माहौल गर्मा गया। यह पांच न्यायाधीशों की पीठ के सामने किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई कर रहे थे।

इस पर न्यायमूर्ति गोगोई ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने देखा कि मामले में शामिल पक्ष एक ऐसा माहौल पैदा कर रहा है, जो सुनवाई के अनुकूल नहीं है. उन्होंने कहा, “हम सुनवाई को इस तरह से जारी नहीं रख सकते। लोग खड़े हो रहे हैं और बिना बारी के बोल रहे हैं। हम भी अभी खड़े हो सकते हैं और मामले की कार्यवाही को खत्म कर सकते हैं।”

Supreme-Court....

सुनवाई के 40वें दिन अखिल भारतीय हिंदू महासभा की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने एक किताब व कुछ दस्तावेज के साथ विवादित भगवान राम के जन्म स्थान की पहचान करते हुए एक पिक्टोरियल जमा किया था। मुस्लिम पक्ष की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने दस्तावेज के रिकॉर्ड में नहीं होने की बात कहते हुए आपत्ति जताई।