देश में चिदंबरम तो विदेश में नीरव मोदी की आई शामत, अहम मोड़ पर पहुंची सुनवाई

नीरव मोदी इस समय दक्षिणी पश्चिमी लंदन के वांडस वर्थ जेल में कैद है। यहीं से वीडियो लिंक के जरिए उसकी सुनवाई होती है। यूके के कानून के मुताबिक उसे हर चार हफ्ते में कोर्ट में हाजिर किया जाता है। उसकी जमानत की कई अर्जियां खारिज की जा चुकी हैं।

Written by: August 22, 2019 3:47 pm

नई दिल्ली। देश में इस समय पूर्व वित्त मंत्री पी चिंदम्बरम की गिरफ्तारी की सबसे अधिक चर्चा है। पी चिदंबरम को हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद भ्रष्टाचार के संगीन आरोप में कल रात उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी को कांग्रेस राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश में है।

P Chidambaram

 

इस बीच भ्रष्टाचार के मामले में विदेश में भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण मामला अंजाम की तरफ बढ़ रहा है। यह मामला भगोड़े नीरव मोदी से जुड़ा हुआ है। लंदन में नीरव मोदी की रिमांड पर सुनवाई अब बेहद अहम दौर में पहुंच चुकी है। यूके के नियमों के मुताबिक यह 28 दिन की रिमांड की प्रक्रिया है। इस दौरान नीरव मोदी को ट्रायल की तारीखों के बारे में सूचित किया जाएगा। यह ट्रायल 5 दिन चलेगा। भारत सरकार ने लंदन की वेस्टमिनिस्टर कोर्ट में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अर्जी लगा रखी है।

Nirav modi neerav

यूके की क्राउन प्रोजिक्यूशन सर्विस यहां भारत सरकार का पक्ष रख रही है। नीरव मोदी इस समय दक्षिणी पश्चिमी लंदन के वांडस वर्थ जेल में कैद है। यहीं से वीडियो लिंक के जरिए उसकी सुनवाई होती है। यूके के कानून के मुताबिक उसे हर चार हफ्ते में कोर्ट में हाजिर किया जाता है। उसकी जमानत की कई अर्जियां खारिज की जा चुकी हैं।

पिछले ही महीने उसकी चौथी और अंतिम जमानत की अर्जी यूके हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। कोर्ट ने यहां तक टिप्पणी की थी कि उनके पास इस बात पर यकीन करने के पर्याप्त कारण हैं कि जमानत देने पर ही वह भागने की कोशिश कर सकता है। देश में जहां इस दौरान भ्रष्टाचार के संगीन मामले में चिदम्बरम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं, उसी दौरान विदेश में नीरव मोदी पर हो रही ये कार्रवाई एक बड़ा संदेश देती है। संदेश इस बात का कि सरकार आर्थिक अपराध को जीरो टॉलरेंस की नज़र से देख रही है।