इजरायल के बाद अमेरिकी चुनावों में भी मोदी का जलवा !

सिर्फ इजरायल ही ऐसा देश नहीं है जहां चुनाव में पीएम मोदी की डिमांड है, अमेरिका में भी पीएम मोदी वोटरों को खींचने का जरिया बनते जा रहे हैं। अमेरिका में साल 2020 में राष्ट्रपति चुनाव हैं।

Written by: July 29, 2019 5:48 pm

इजरायल। इजरायल के चुनावों में पीएम मोदी का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पीएम मोदी के साथ अपनी दोस्ती को इजरायल की जनता के सामने पेश करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। हाल ही में एक चुनावी विज्ञापन में मोदी और नेतन्याहू की एक साथ तस्वीर दिखाई दी जो पूरे विश्व में चर्चा का विषय बनी रही।

Netanyahu And Modi

मगर सिर्फ इजरायल ही ऐसा देश नहीं है जहां चुनाव में पीएम मोदी की डिमांड है, अमेरिका में भी पीएम मोदी वोटरों को खींचने का जरिया बनते जा रहे हैं। अमेरिका में साल 2020 में राष्ट्रपति चुनाव हैं। वहां भारतीय मूल के अमेरिकियों की वहां अच्छी खासी संख्या है जो मोदी से खासा प्रभावित हैं। ये भारतवंशी वोटर फ्लोरिडा, ओहायो और कोलोराडो जैसे अमेरिका के महत्वपूर्ण प्रांतों में हवा का रुख बदल सकते हैं। पिछले चुनाव में भी डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कैंपेन में मोदी का जिक्र किया था।

इस बार भी रिपब्लिकन मोदी की लोकप्रियता को अपने हक में इस्तेमाल करने की कोशिश में हैं। वहीं डेमोक्रेट भी यह मौका गंवाना नहीं चाह रहे हैं। उधर इजराइल में 17 सितंबर को चुनाव हैं और उससे ठीक पहले इजरायल के पीएम के भारत दौरे की भी चर्चा है। मोदी सितंबर में अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं। वे संयुक्त राष्ट्र की सालाना महासभा में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका जा सकते हैं। इस दौरान अमेरिका में ह्यूस्टन में उनके सम्मान में बड़े एक कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है।

Narendra Modi with Donal j Trump

शिकागो में भी उनके सम्मान की योजना पर काम चल रहा है। यह सारे घटनाक्रम मोदी समर्थक भारतीयों को एक प्लेटफार्म पर एकजुट करने वाले हैं। अमेरिका की पार्टियां इस मौके को गंवाना नही चाहतीं। अमेरिका में भारतीय मूल के निवासियों के जलवे का ये आलम है कि पिछले चुनावों में वहां के हिंदू मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए ट्रंप के बेटे एरिक ने फ्लोरिडा के एक मंदिर में जाकर आरती में हिस्सा लिया था। आरती में भाग लेने के लिए उन्होंने बाकायदा क्रीम कलर की शेरवानी और पायजामा भी पहना था। इस माहौल में पीएम मोदी एक बार फिर से अमेरिकी चुनावों में चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं।