लोकसभा चुनाव के बाद अब राज्य सभा चुनाव के आए नतीजे, देखिए क्या हुआ कांग्रेस का हाल

बता दें कि अबतक असम में राज्यसभा की दो सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था। लेकिन अब भाजपा ने उनमें सेंध लगा दी है। असम की दो राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा और उसकी सहयोगी असम गण परिषद (अगप) के एक-एक उम्मीदवार को शुक्रवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।

Written by: June 1, 2019 12:15 pm

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद एकबार फिर से मोदी सरकार ने सत्ता संभाल लिया है। इस जीत से ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी मोदी सरकार की सराहना हुई है। जाहिर सी बात है मोदी सरकार के कार्यकाल ने भारत की छवि को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर एक मजबूती के तौर पर स्थापित किया। अब इसी कड़ी में भाजपा के लिए एक और बड़ी खुशी सामने आई है।

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जी हां, असम से भारतीय जनता पार्टी के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां से राज्यसभा के लिए भाजपा के उम्मीदवार ने निर्विरोध जीत हासिल किया है। इसके साथ ही उनके सहयोगी दल को भी राज्यसभा की एक सीट हासिल हुई है। भाजपा के सहयोगी दल को भी निर्विरोध चुना गया है।

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बता दें कि अबतक असम में राज्यसभा की दो सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था। लेकिन अब भाजपा ने उनमें सेंध लगा दी है। असम की दो राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा और उसकी सहयोगी असम गण परिषद (अगप) के एक-एक उम्मीदवार को शुक्रवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। असम की ये सीटें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस के ही एक अन्य सदस्य एस कुजूर के अगले महीने कार्यकाल समाप्त होने के बाद खाली होनी है।

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निर्वाचन अधिकारी अमरेंद्र डेका ने नाम वापस लेने की अवधि समाप्त होने के बाद भाजपा के कामख्या प्रसाद तासा और अगप के वीरेंद्र प्रसाद बैश्य को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। वहीं, मनमोहन सिंह और एस कुजूर का कार्यकाल 14 जून को समाप्त होने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक विपक्षी कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने राज्यसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था क्योंकि विधानसभा में उनके पास पर्याप्त संख्या नहीं है।

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बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1991 से पांच बार उच्च सदन में असम का प्रतिनिधित्व किया। 1991 में ही मनमोहन सिंह को पीवी नरसिंह राव सरकार में वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था। वह 1998 से 2004 के बीच सदन में विपक्ष के नेता रहे और 2004 से 2014 तक दो बार सरकार का नेतृत्व किया। वह आखिरी बार 2013 में उच्च सदन के लिए चुने गए थे जब राज्य में तरुण गोगोई नीत कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी गुरशरण कौर दिसपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। बता दें कि उन्होंने हाल ही में संपन्न इसबार के लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।