AAP में भड़की कलह की आग, एक सवाल पर अलका लांबा को किया व्हाट्सऐप ग्रुप से बाहर

जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं पर बरस पड़े हैं वहीं आम आदमी पार्टी के एक व्हाट्सऐप ग्रुप से अलका लांबा को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

Written by Newsroom Staff May 26, 2019 12:16 pm

नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों में मोदी के नेतृत्व में NDA को ऐसा बहुमत मिला है कि तमाम दलों को अपनी राजनीति के तरीकों पर नई नीति बनानी पड़ रही है। कुछ पार्टियों में तो कलह की आग भी भड़क गई है। बता दें कि जहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं पर बरस पड़े हैं वहीं आम आदमी पार्टी के एक व्हाट्सऐप ग्रुप से अलका लांबा को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

चांदनी चौक से आप विधायक अलका लांबा ने खुद को ग्रुप से निकाले जाने को लेकर ट्वीट करते हुए कहा कि, “गुस्सा मुझ पर कुछ यूं निकाला जा रहा है, अकेली मैं ही क्यों?मैं तो पहले दिन से ही यही सब कह रही थी जो आज हार के बाद आप कह रहे हैं, कभी ग्रुप में जोड़ते हो,कभी निकालते हो,बेहतर होता इससे ऊपर उठकर कुछ सोचते, बुलाते,बात करते,गलतियों और कमियों पर चर्चा करते,सुधार कर के आगे बढ़ते।”

दरअसल इस व्हाट्सऐप ग्रुप में केजरीवाल ने अपने विधायकों से कहा कि वो अपनी विधानसभा में जाएं और लोगों से माफी मांगते हुए अगले विधानसभा की तैयारी में लग जाएं। केजरीवाल के इस मैसेज के बाद अलका लांबा ने सवाल कर लिया कि ‘आखिर माफी किस बात के लिए मांगनी है।’ लांबा का कहना है कि बस इसी बात पर उन्हें ग्रुप से निकाल दिया गया।

पार्टी के व्हाट्सऐप ग्रुप से निकाले जाने पर भड़कीं अलका लांबा ने पूछा, क्या चुनावी हार के लिए मुख्यमंत्री को इस्तीफा नहीं देना चाहिए? अलका लांबा ने ट्वीट में अरविंद केजरीवाल को हटाकर संजय सिंह को आम आदमी पार्टी का संयोजक बनाने की मांग उठाई है।


बता दें कि इस नए विवाद के बाद अलका लांबा ने ट्वीट के जरिए पार्टी छोड़ने के भी संकेत दिए हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि 2013 में आप के साथ शुरू हुआ उनका सफर 2020 में खत्म हो जाएगा।

अलका लांबा ने लिखा कि,

अलका लांबा ने कहा कि पार्टी के भीतर कुछ लोग ऐसे हैं जो चाहते हैं कि मैं पार्टी छोड़ के चली जाऊं, और यह कोशिश पिछले 5 महीनों से चल रही है। लेकिन मेरा जनता से 5 साल साथ देने का वायदा था, वायदा तो निभा कर ही जाऊंगी, कुछ अधूरे काम पूरे भी करने हैं।