इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की प्रयागराज का नाम बदलने के खिलाफ जनहित याचिका…

Avatar Written by: November 13, 2018 2:21 pm

नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद का नाम प्रयागराज रखने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। इस जनहित याचिका को सुनीता शर्मा ने दाखिल किया था। इस याचिका पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति सीडी सिंह की खण्डपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने याची सुनीता शर्मा से कहा कि वह इस मुद्दे को राज्य सरकार के समक्ष रखे।हालांकि नाम बदलने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकार से जवाब मांगा है। एक जनहित याचिका लखनऊ बेंच में दायर की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस राजेश सिंह चौहान की बेंच ने सरकार से जवाब मांगा है। इलाहाबाद का नाम प्रयागराज करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 19 नवम्बर को होगी।नाम बदले जाने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में हरिशंकर पाण्डेय ने याचिका दायर की थी। याचिका में दावा किया गया है कि जिले के नाम परिवर्तन में राजस्व संहिता की धारा 6(2) का पालन नहीं किया गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार पर आवश्यक प्रक्रिया का पालन न करने का भी आरोप लगा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि बिना आपत्तियां आमंत्रित किये ही जिला का नाम कैसे बदल दिया गया।CM Yogi Adityanathहाल ही में योगी आदित्यनाथ सरकार ने कैबिनेट में मामला रखने के बाद इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने पर मुहर लगा दी थी। राज्यपाल राम नाईक ने नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और तुरंत प्रभाव से यह आदेश लागू हो गया। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज नाम रखने की सिफारिश की थी।

चूंकि योगी आदित्यनाथ का कहना है कि इस शहर का प्राचीन नाम प्रयागराज ही था। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इलाहाबाद का नाम बदलकार प्रयागराज करने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई थी। राज्यपाल राम नाईक की मंजूरी के बाद शासनादेश जारी कर शहर में जहां-जहां भी इलाहाबाद नाम है, उसकी जगह अब प्रयागराज लिखा जा रहा है।