अमर्त्य सेन के ‘जय श्री राम का नारा बंगाल की संस्कृति नहीं’ वाले बयान पर गरमाई राजनीति, लगे पोस्टर

नोबेल पुरस्कार का खिताब जीत चुके अमर्त्य सेन ने पिछले दिनों बयान दिया था कि, जय श्री राम का नारा बंगाल की संस्कृति का हिस्सा नहीं है और इसका इस्तेमाल आज कल लोगों को पीटने के लिए किया जा रहा है।

Written by: July 12, 2019 6:28 pm

नई दिल्ली। नोबेल पुरस्कार का खिताब जीत चुके अमर्त्य सेन ने पिछले दिनों बयान दिया था कि, जय श्री राम का नारा बंगाल की संस्कृति का हिस्सा नहीं है और इसका इस्तेमाल आज कल लोगों को पीटने के लिए किया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति का सियासी पारा काफी ज्यादा चढ़ गया और बीजेपी ने सेन पर आरोप लगाया कि, क्या उन्हें बंगाल की संस्कृति के बारे में जानकारी है ?

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पश्चिम बंगाल में सत्‍तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उनका समर्थन करते हुए उन्‍हें बंगाल का गौरव बताया। सेन के उसी बयान को लेकर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में अब कई जगह पोस्‍टर देखे जा रहे हैं। इस बीच, टीएमसी ने बीजेपी पर उसकी विचारधारा से सहमति नहीं जताने के कारण सेन को अपमानित करने का आरोप लगाया है।

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पश्‍चिम बंगाल में ‘जय श्री राम’ के बढ़ते सियासी असर के बीच अमर्त्‍य सेन ने बीते सप्‍ताह कहा था कि यह नारा बांग्‍ला संस्‍कृति का हिस्‍सा नहीं है और उन्‍होंने इससे पहले कभी इस नारे को नहीं सुना था। सेन के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के लोगों की जिंदगी में मां दुर्गा का विशेष स्‍थान है और वह यहां हर किसी की जिंदगी में मौजूद हैं।

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उन्‍होंने इस क्रम में अपनी पांच साल की पोती का भी जिक्र किया था और कहा कि जब उन्‍होंने उससे पूछा किया उसके पंसदीदा भगवान कौन हैं तो उसने बिना कुछ सोचे ‘मां दुर्गा’ का नाम लिया। नोबेल विजेता ने यह भी कहा, ‘मुझे लगता है कि जय श्री राम के नारे का इस्‍तेमाल इन दिनों लोगों को पीटने की आड़ के लिए किया जाता है।’

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पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्‍यक्ष दिलीप घोष ने इसके लिए सेन की आलोचना की तो यह भी कहा कि वह संभवत: बंगाल को नहीं जानते। उन्‍होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्‍या वह बांग्‍ला या भारतीय संस्‍कृति के बारे में जानते हैं। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि जय श्री राम का नारा सुदूर गांवों में भी लगाया जाता है और आज यह पूरे बंगाल में बोला जा रहा है। वहीं, पश्चिम बंगाल के मंत्री फरहाद हाकिम ने बीजेपी पर सेन को अपमानित करने का आरोप लगाया।

कोलकाता में लगे पोस्‍टर्स के बारे में उन्‍होंने कहा, ‘ये पोस्‍टर आम लोगों ने लगाए हैं। हम अमर्त्‍य सेन का समर्थन करते हैं। वह बंगाल के सपूत हैं और हमें उन पर गर्व है।’ उन्‍होंने यह भी कहा कि चूंकि वह बीजेपी की विचारधारा से सहम‍त नहीं हैं, इसलिए पार्टी उन्‍हें अपमानित कर रही है।

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पश्चिम बंगाल में मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री हाकिम ने यह भी कहा, ‘जय श्री राम का नारा लगाना कोई अपराध नहीं है, जब तक हम इसे अपने शुद्ध मन से नहीं करते हैं। यह वास्‍तव में हमारा आंतरिक शुद्धिकरण करता है। लेकिन जब यह लोगों को नुकसान पहुंचाने के साथ बोला जाता है तो इसकी पवित्रता खत्‍म हो जाती है। यह ठीक उसी तरह है जैसे हम किसी मस्जिद से जब अल्‍लाहू अकबर कहते हैं तो इसकी शुचिता कायम रहती है, पर जब कश्‍मीर सहित दुनिया के किसी भी हिस्‍से में कोई आतंकी या तालिबान निर्दोष लोगों की जान लेने के लिए अल्‍लाहू अकबर चिल्‍लाता है तो वह वास्‍तव में अल्‍लाह का अपमान करता है।’