मोदी की कूटनीति का कमाल, अमेरिका से मिलेंगे एक अरब डॉलर के हथियार और रूस से S-400 मिसाइल

भारत की कूटनीतिक सफलता तमाम देशों के सर चढ़कर बोल रही है। भारत ने अमेरिका और रूस दोनों से एक साथ बड़ी डील करने में सफलता हासिल की है। यह डील इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका, रूस के साथ डील करने का विरोध कर रहा था।

Written by: November 21, 2019 3:35 pm

नई दिल्ली। भारत की कूटनीतिक सफलता तमाम देशों के सर चढ़कर बोल रही है। भारत ने अमेरिका और रूस दोनों से एक साथ बड़ी डील करने में सफलता हासिल की है। यह डील इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका, रूस के साथ डील करने का विरोध कर रहा था। अमेरिका भारत को करीब एक अरब डॉलर के हथियार बेचेगा।

PM Narendra Modi And Donald Trump

ट्रंप प्रशासन ने इसकी मंजूरी दे दी है। ये रक्षा सौदा इसलिए भी अहम है, क्‍योंकि अमेरिका लगातार भारत पर जोर दे रहा था कि वह रूस से S-400 मिसाइल सिस्‍टम न खरीदे। लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वह रूस के साथ होने वाले इस रक्षा सौदे से पीछे नहीं हटेगा। मोदी की अगुवाई में भारत की ये बड़ी कूटनीति सफलता है। भारत ने इसके लिए रूस को पिछले महीनों में बड़ी रकम अदा भी कर दी है। इसके बाद S-400 मिसाइल सिस्‍टम जल्‍द से जल्‍द भारत को मिलना तय हो चुका है।

Russian President Vladimir Putin meets PM Narendra Modi

अमेरिका इस सौदे के तहत भारत को नौसैनिक बंदूकों की सप्‍लाई करेगा जिनका इस्‍तेमाल युद्धपोत, विमान-रोधी तकनीक और तटवर्ती बमबारी के लिए किया जा सकेगा। अमेरिका भारत को 13 नेवल गन्‍स और इससे जुड़े उपकरण की सप्‍लाई करेगा। इन नेवल गन्‍स को बीएई सिस्‍टम्‍स लैंड अर्मामेंट्स ने तैयार किया है। यह गन सिस्टम अमेरिका और अन्य संबद्ध बलों के साथ भारत की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ जमीनी युद्ध और एंटी-एयर डिफेंस मिशन का संचालन करने की क्षमता प्रदान करेगा।

pm modi

भारत की ये सफलता इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि तुर्की भी रूस से S-400 डिफेंस मिसाइल खरीद रहा है। अमेरिका उस पर भी दबाव डाल रहा है। 13 नवंबर 2019 को डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से इस बारे में बात भी की। ट्रंप एर्दोगन को पहले ही धमकी दे चुके हैं कि अगर उन्होंने S-400 डिफेंस सिस्टम खरीदा तो अमेरिका तुर्की पर प्रतिबंध लगा देगा।