रिपब्लिक समिट में गृहमंत्री अमित शाह ने आर्टिकल  370, NRC और महाराष्ट्र की राजनीतिक हालात पर खुलकर की चर्चा

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरे चुनाव प्रचार ने उन्हें सीएम उम्मीदवार के रूप में प्रचारित किया, और किसी ने कभी इस पर सवाल नहीं उठाया। हमने लगभग 70% सीटें जीतीं, जिस पर हम लड़े, और शिवसेना ने 42% सीटों पर जीत हासिल की।

Written by: November 27, 2019 2:36 pm

नई दिल्ली। गृहमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रिपब्लिक समिट में आर्टिकल  370, अयोध्या, सबरीमाला,  महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापठक सहित कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरे चुनाव प्रचार ने उन्हें सीएम उम्मीदवार के रूप में प्रचारित किया, और किसी ने कभी इस पर सवाल नहीं उठाया। हमने लगभग 70% सीटें जीतीं, जिस पर हम लड़े, और शिवसेना ने 42% सीटों पर जीत हासिल की।

Home Minister Amit Shah

अमित शाह ने आगे शिवसेना पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे स्पष्ट रूप से लगता है कि शिवसेना ने सार्वजनिक जनादेश को तोड़ा है। जब ये तीनों पार्टियां हाथ मिला रही थीं, तो हर कोई इनकी तारीफ कर रहा था। जैसे ही अजित पवार ने हमारा समर्थन किया, हमसे सवाल क्यों होने लगे? मैं लोगों को बताना चाहता हूं कि हमने उनके जनादेश को नहीं तोड़ा। हमने अपने विधायकों को होटलों में नहीं रखा।

Amit Shah

अमित शाह ने एक न्यूज चैनल से बाचतीत में अजित पवार से समर्थन लेने के सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘अजित पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया था। उन्हें सरकार बनाने के लिए अधिकृत किया था। राज्यपाल ने भी सरकार बनाने को लेकर उनसे ही बात की थी। एनसीपी ने जब पहली बार सरकार बनाने में असमर्थता जताई तो उस पत्र पर भी अजित पवार के ही हस्ताक्षर थे। अब हमारे पास जो समर्थन पत्र आया, उस पर भी अजित पवार के ही हस्ताक्षर थे।’

आर्टिकल 370 पर गृहमंत्री अमित शाह की दो टूक

गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने को लेकर बोलते हुए कहा कि देश 70 साल से अनुच्छेद 370 पर चर्चा ही कर रहा था। जब से धारा 370 आई तब से, पहले जनसंघ और फिर भाजपा का ये प्राइम एजेंडा रहा कि हम 370 को हटाएंगे। ये देश के लिए ठीक नहीं है। देश में दो प्रधान, दो निशान और दो संविधान चल नहीं सकते।

Union Home Minister Amit Shah

अमित शाह ने आगे कश्मीर में सुरक्षाबलों की मौजूदगी की लेकर कहा कि आज भी जम्मू-कश्मीर में इतने ही सुरक्षाबल तैनात हैं, जो 1990 से वहां तैनात हैं। जो अतिरिक्त सुरक्षाबल वहां तैनात किये गए थे, उन्हें हटा लिया गया है। अगस्त 2019 से अब तक पत्थरबाजी की घटनाओं में गत वर्ष की तुलना में 40 से 45% तक की कमी आयी है।

एनआरसी के मुद्दे पर विपक्ष को दिया करारा जवाब

इस दौरान अमित शाह ने एनआरसी के मुद्दे पर सवाल उठाने वाले विपक्ष को भी करारा जवाब दिया। गृहमंत्री ने कहा कि जो पार्टियां एनआरसी का विरोध कर रही हैं मैं उनसे देश की जनता के सामने पूछना चाहता हूं कि क्या देश के नागरिकों का एक रजिस्टर नहीं होना चाहिए, क्या देश धर्मशाला की तरह चलना चाहिए?

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उन्होंने आगे कहा कि एनआरसी में हिन्दू-मुसलमान का कोई भेद नहीं है,  Citizenship amendment Bill हम ला रहे हैं, जिसके अंदर सिर्फ हिन्दू नहीं बल्कि बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से जो हिन्दू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और क्रिश्चियन शरणार्थी आएं हैं उन्हें हम नागरिकता देंगे।