भाजपा बंगाल में 23 से ज्यादा सीटें जीतेगी : अमित शाह

अमित शाह ने सोमवार को कहा, “ममता दीदी को मोदी की वजह से अपनी लोकप्रियता खोने का डर है। इस वजह से वह केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की अनुमति नहीं दे रही हैं।”

Written by: May 13, 2019 8:31 pm

जयनगर। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राज्य में अपनी एक रैली को रद्द करने के लिए कटाक्ष करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को दावा किया कि बंगाल के लोगों ने लोकसभा में भाजपा के 23 से ज्यादा सांसदों को भेजने का फैसला किया है, भले ही बनर्जी सरकार उन्हें रैली करने की अनुमति नहीं दे।

अमित शाह ने ममता बनर्जी को जय श्रीराम का उच्चारण करने पर गिरफ्तार करने की चुनौती दी। पश्चिम मिदनापुर जिले में कथित तौर पर ममता बनर्जी के काफिले के गुजरने के दौरान इलाके में ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने के एक हफ्ते बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा, “मैं आज (सोमवार) तीन जगहों पर जाने वाला हूं। मैं यहां जयनगर आया हूं और मेरी दूसरे रैली की अनुमति रद्द कर दी गई है, क्योंकि ममता दीदी को डर है कि अगर भाजपा कार्यकर्ता एकजुट हो गए तो उनके भतीजे का प्रभाव कम हो जाएगा।”

उन्होंने कहा, “लोग पहले ही लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को हराने का फैसला कर चुके हैं, भले ही आप हमें बातचीत करने या सभाएं आयोजित करने की अनुमति दें या नहीं दें।” उन्होंने कहा, “बंगाल के लोगों ने भाजपा को 23 से ज्यादा लोकसभा सीटें देने का मन बना लिया है।”


शाह की बरुईपुर में सोमवार को निर्धारित रैली रद्द कर दी गई, क्योंकि राज्य सरकार ने कथित तौर पर अनुमति देने से इनकार कर दिया। शाह ने कहा, “ममता दीदी अक्सर कहती हैं कि ‘जय श्रीराम’ का नारा नहीं लगा सकते। मैं जयनगर निर्वाचन क्षेत्र के इस मंच से जय श्रीराम का नारा लगा रहा हूं और यहां से कोलकाता जा रहा हूं। अगर आपके पास हिम्मत है तो मुझे गिरफ्तार कीजिए।”


अमित शाह ने सोमवार को ममता बनर्जी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं से बंगाल के लोगों को वंचित रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ममता दीदी को मोदी की वजह से अपनी लोकप्रियता खोने का डर है। इस वजह से वह केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की अनुमति नहीं दे रही हैं।” भाजपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि लोग पहले ‘सिंडीकेट को कर देने’ के लिए बाध्य थे, लेकिन अब वे ‘उनके (ममता बनर्जी) भतीजे को कर देने’ को मजबूर हैं। शाह ने कहा, “मित्रो क्या आप भतीजे को कर देने से सहमत हैं। मुझे बताएं, क्या यह कर खत्म होना चाहिए या नहीं। ममता दीदी घुसपैठियों का वोट चाहती हैं, इस वजह से उन्हें अन्य के वोट की जरूरत नहीं है।”