कश्मीर पर सवाल पूछने वाले कांग्रेस नेता को गृहमंत्री अमित शाह ने दिया ऐसे जवाब

लोकसभा में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद के माहौल को लेकर आज एक बार फिर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब हालात पूरी तरह से सामान्य हो गए हैं।

Written by: December 10, 2019 12:57 pm

नई दिल्ली। लोकसभा में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद के माहौल को लेकर आज एक बार फिर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब हालात पूरी तरह से सामान्य हो गए हैं।

Amit Shah

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 5 अगस्त को हुए बदलाव के बाद जहां विपक्ष खून की नदियां बहने की बात कह रहा था, वहीं 370 हटने के बाद वहां एक भी गोली नहीं चली है। वहीं नजरबंद नेताओं की रिहाई को लेकर शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए नेताओं को छोड़ने का निर्णय स्थानीय प्रशासन की ओर से लिया जाएगा।

Home Minister Amit Shah

अमित शाह का कांग्रेस पर तंज

इससे पहले सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने जम्मू-कश्मीर की खराब स्थिति का मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूछा कि वहां हालात कब तक सामान्य होंगे। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि राहुल गांधी को कश्मीरे क्यों नहीं जाने दिया गया। जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद से कश्मीर में पुलिस की गोली से एक भी मौत नहीं होना कांग्रेस को असामान्य लगता है। जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनाव शांति से हुए, बच्चे परीक्षा दे रहे हैं ये क्या सामान्य हालात नहीं है। 99.5 प्रतिशत बच्चों ने परीक्षाएं दी। कांग्रेस पर तंज कसते हुए अमित शाह ने कहा कि कश्मीर के हालात तो नॉर्मल हो गए हैं लेकिन कांग्रेस के हालात के लिए मैं कुछ नहीं कर सकता।

Amit Shah And Adhir Ranjan

गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए नेताओं को छोड़ने का निर्णय स्थानीय प्रशासन की ओर से लिया जाएगा तथा वहां के मामले में केंद्र सरकार दखल नहीं देगी। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय प्रशासन को लगेगा कि नेताओं को रिहा करने का उचित समय है तो इस बारे में निर्णय लिया जाएगा। केंद्र किसी तरह का दखल नहीं देगा। दरअसल, चौधरी ने सवाल किया था कि जम्मू-कश्मीर में फारूक अब्दुल्ला और दूसरे नेताओं को कब रिहा किया जाएगा तथा क्या वहां राजनीति गतिविधि बहाल है ?