एनडीए गठबंधन से टीडीपी का हो रहा मोहभंग, मोदी सरकार से हो सकता है मंत्रियों का इस्तीफा !

Written by: March 7, 2018 8:00 am

नई दिल्ली। जब से तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने मोदी सरकार के सामने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष दर्जा देने की मांग की है, तब से दिन प्रतिदिन टीडीपी और सरकार के बीच में दूरियां बढ़ती जा रही है। मोदी सरकार टीडीपी की इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि कुछ दिन पहले टीडीपी की बैठक में इस बात पर फैसला लिया गया था कि वह एनडीए में ही रहकर सरकार के सामने अपनी मांगें उठाती रहेगी। लेकिन अब तल्खी इतनी बढ़ गई है कि लगने लगा है टीडीपी की तरफ से बनाए गए मोदी मंत्रीमंडल के मंत्री जल्द ही पद छोड़ सकते हैं।

केंद्र सरकार भले ही आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन आंध्र प्रदेश के विकास के लिए आर्थिक सहायता देने के साथ ही विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम के लिए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को भी मंज़ूरी देने को तैयार है। वहीं टीडीपी की मांग है कि मोदी सरकार उस वादे को पूरा करे जो आंध्र प्रदेश के विभाजन के दौरान तत्कालीन सरकार ने किया था।

सरकार आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की टीडीपी की मांग को इसलिए नहीं मांग सकती क्योंकि किसी भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए नियमों में बदलाव करने पड़ेंगे। अगर नियमों में बदलाव करके टीडीपी की मांग को मान लिया तो बिहार, झारखंड जैसे अन्य राज्य भी इस तरह की मांग कर मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। इसलिए मोदी सरकार टीडीपी की मांग के आगे किसी भी क़ीमत पर झुकने को तैयार नहीं है।

संसद में जिस तरह से टीडीपी ने सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोला है, उसके बाद शिवसेना ने भी टीडीपी की मांग को जायज़ मानते हुए संसद में टीडीपी का समर्थन किया। शिवसेना ने पहले ही ऐलान किया हुआ है कि वो 2019 के आम चुनाव में भाजपा के साथ मिलकर नहीं लड़ेगी।

संसद में मंगलवार को जहां टीडीपी को एनडीए के अन्य सहयोगियों का साथ मिला वहीं कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद टीडीपी के हौसले बुलंद हैं। टीडीपी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में चंद्रबाबू नायडू मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए केंद्र सरकार से अपने मंत्रियों का इस्तीफ़ा करा सकते हैं।