Connect with us

देश

Ankita Murder Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर देवभूमि में मचा बवाल, दिल्ली में भी AAP का प्रदर्शन

Ankita Bhandari murder case: आप कार्यकर्ताओं ने बीजेपी दफ्तर की तरफ बढ़ने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली। आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।

Published

on

नई दिल्ली। एक तरफ जहां उत्तराखंड में 19 साल बेटी अंकिता भंडारी की मौत को लेकर लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। अंकिता के परिजनों के साथ लोग सड़कों पर उतरे है। श्रीनगर के पास हाईवे को जाम कर दिया है। अंकिता हत्याकांड की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग को लेकर श्रीनगर में लोगों ने अपना रोष जाहिर करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर इस मामले पर सियासत भी गर्मा गई है। अब उत्तराखंड की बेटी अंकिता तिवारी के हत्याकांड को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। राजधानी दिल्ली में अंकिता मर्डर केस को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है।

ankita bhandari and pulkit arya

बता दें कि उत्तराखंड में भाजपा की सरकार है इसलिए आम आदमी पार्टी भाजपा को निशाना बनाने के लिए अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराने के लिए पार्टी मुख्यालय बढ़ाना चाह रही थी। आप कार्यकर्ताओं ने बीजेपी दफ्तर की तरफ बढ़ने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली। आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।

वहीं अंकिता के परिजनों ने बेटी के अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। इसके साथ परिवारवालों ने पुलिस के एक्शन पर भी सवाल उठाए है। अंकिता के पिता का आरोप है कि वनतारा रिसॉर्ट  में सबूत थे फिर उसको क्यों गिरा गया। उस पर बुलडोजर एक्शन क्यों किया गया। उन्होंने आरोपियों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया है। ज्ञात हो कि अंकिता भंडारी मर्डर केस में भाजपा ने सख्त एक्शन लिया था। भाजपा ने पुलकित आर्य के पिता पिता विनोद आर्य और भाई अंकित आर्य को पार्टी से बाहर कर दिया था।

Advertisement
Advertisement
Advertisement