एक हफ्ते में निर्भया के दोषियों को फांसी देने की तारीख तय करे सरकार, नहीं तो करूंगा आमरण अनशन : अन्ना हजारे

हजारे ने कहा, “लोगों ने महसूस करना शुरू कर दिया है कि प्रणाली के माध्यम से न्याय पाने में देरी, बाधाएं और कठिनाइयां अपने आप में अन्याय है। हैदराबाद मुठभेड़ के जनसमर्थन का यही कारण है। लोग अब चाहते हैं कि इस तरह के ‘मुठभेड़ों’ में अपराधियों को खत्म कर दिया जाए।”

Written by: December 9, 2019 9:46 pm

नई दिल्ली। दुष्कर्म मामलों में सजा में देरी को लेकर चिंता जताते हुए वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने सोमवार को कहा कि पिछली बार एक दुष्कर्मी एवं हत्यारे को 14 अगस्त 2005 को पश्चिम बंगाल में फांसी दी गई थी।

anna Hazare

हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में कहा, “तब से देश में मौत की सजा सुनाए गए किसी भी इस तरह के दोषी को फांसी की सजा नहीं दी गई है। वर्तमान में 426 दोषी फांसी की सजा का इंतजार कर रहे हैं।” अन्ना हजारे ने ऐलान किया है कि अगर निर्भया के दोषियों को फांसी देने की तारीख एक सप्ताह के भीतर नरेंद्र मोदी सरकार तय नहीं करती है तो वे आमरण अनशन पर बैठेंगे। अन्ना हजारे सात दिन के बाद 2 दिनों के लिए पहले मौन व्रत रखेंगे, फिर आमरण अनशन शुरू करेंगे।

Anna hazare Anshan
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने सोमवार को कहा कि पिछली बार एक दुष्कर्मी व हत्यारे को 14 अगस्त 2005 को बंगाल में फांसी दी गई थी। हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में कहा, “तब से देश में मौत की सजा सुनाए गए किसी भी इस तरह के दोषी को फांसी की सजा नहीं दी गई है। मौजूदा वक्त में 426 दोषी फांसी की सजा का इंतजार कर रहे हैं।”

Anna Hazare's agitation on Land Acquisition Bill

हजारे ने कहा, “लोगों ने महसूस करना शुरू कर दिया है कि प्रणाली के माध्यम से न्याय पाने में देरी, बाधाएं और कठिनाइयां अपने आप में अन्याय है। हैदराबाद मुठभेड़ के जनसमर्थन का यही कारण है। लोग अब चाहते हैं कि इस तरह के ‘मुठभेड़ों’ में अपराधियों को खत्म कर दिया जाए।”