भाजपा की सरकार गिरते ही कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना में ‘बंटवारे’ पर फिर शुरू हुआ घमासान

शिवसेना बीजेपी की तुलना में लगभग आधी सीटों पर थी मगर फिर भी ढाई साल का सीएम पद मांग रही थी। ऐसे में एनसीपी का दावा भी बनता है।

Written by: November 27, 2019 7:06 pm

नई दिल्ली। कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना ने बीजेपी को सत्ता से हटाकर अपनी जमीन तो साफ कर ली है मगर बंटवारे का पेच अभी भी फंसा हुआ है। यह सत्ता का बंटवारा है। तीनों ही पार्टियां मंत्रियों की संख्या से लेकर मंत्रालयों के कद तक एक दूसरे से उलझी हुई हैं।Uddhav Thackeray

आलम यह है की शपथ ग्रहण की तारीख और समय सब तय हो चुका है मगर मंत्रियों की लिस्ट अभी भी फाइनल नहीं है। कांग्रेस डिप्टी सीएम और स्पीकर दोनों मांग रही है मगर एनसीपी और शिवसेना इसके लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कांग्रेस को दोनों में से कोई एक चुनने का विकल्प दिया है। कांग्रेस इससे खुश नहीं है।sharad uddhav

वहीं शिवसेना और एनसीपी भी आपस में उलझ गई हैं। सूत्रों के मुताबिक एनसीपी ने अपने लिए ढाई साल बतौर सीएम मांगे हैं। उसका तर्क है कि उसके शिवसेना से सिर्फ दो विधायक कम हैं। शिवसेना बीजेपी की तुलना में लगभग आधी सीटों पर थी मगर फिर भी ढाई साल का सीएम पद मांग रही थी। ऐसे में एनसीपी का दावा भी बनता है।sharad pawar uddhav thackrey

उधर शिवसेना 5 साल का सीएम चाहती है। एनसीपी के मुखिया शरद पवार सतारा के कराड़ में यह बात सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि वह ढाई साल का अपना सीएम चाहते हैं। शिवसेना और एनसीपी के बीच मलाईदार मंत्रालयों को लेकर भी जंग जारी है। जानकारी के मुताबिक शिवसेना फाइनेंस,पीडब्लूडी, सिंचाई जैसे अहम मंत्रालय अपने पास रखना चाहती है।Sonia Gandhi Sharad Pawar Uddhav

वहीं एनसीपी इसके लिए तैयार नहीं है। इस बीच छोटे दलों का भी पेच फंसा हुआ है। बीजेपी के साथ लड़ाई में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने कई छोटे दलों के समर्थन का दावा भी किया था। अब वे छोटे दल भी अपना हिस्सा मांग रहे हैं।