आसाराम और उसके बेटे नारायण साई को इस मामले में मिली क्लीन चिट, जानिए मामला

बालात्कार के आरोप में जोल में बंद आसाराम और उसके बेटे नारायण साई को न्यायमूर्ति डी के त्रिवेदी आयोग ने स्कूल में हुए दो बच्चों की हत्या के मामले में क्लीन चिट दे दी है।

Written by: July 28, 2019 2:57 pm

नई दिल्ली। बालात्कार के आरोप में जोल में बंद आसाराम और उसके बेटे नारायण साई को न्यायमूर्ति डी के त्रिवेदी आयोग ने स्कूल में हुए दो बच्चों की हत्या के मामले में क्लीन चिट दे दी है। 2008 में घटी इस घटना की जांच रिपोर्ट को आयोग को सौंपी गई थी और फिर आयोग ने इसे राज्य सरकार को सौंपी जिसे गुजरात विधानसभा में पेश किया गया था।

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आयोग ने हालांकि कहा कि आवासीय स्कूल से दो बच्चों का लापता होना प्रबंधन की “लापरवाही” को दर्शाता है, जिसे “बर्दाश्त” नहीं किया जा सकता। आसाराम के गुरुकुल (आवासीय विद्यालय) में पढ़ने वाले दो भाईयों दीपेश वाघेला (10) और अभिषेक वाघेला (11) के शव पांच जुलाई 2008 को साबरमती नदी के किनारे मिले थे।

Asaram Bapu

दोनों बच्चे इससे दो दिन पहले स्कूल के हॉस्टल से लापता हो गए थे। आसाराम के ‘आश्रम’ में बना स्कूल और हॉस्टल नदी किनारे स्थित है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘इस बात के कोई सबूत नहीं मिले कि आसाराम जी और उनके पुत्र नारायण साई आश्रम में तांत्रिक विधि किया करते थे।’

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इसमें कहा गया है, “गुरुकुल प्रबंधन के साथ-साथ आश्रम के प्राधिकारी भी गुरुकुल हॉस्टल में रह रहे बच्चों के संरक्षक हैं और बच्चों की देखभाल उनका कर्तव्य है। रिपोर्ट में कहा गया है कि “सबूतों में हेरफेर की वजह से आयोग को लगता है कि यह सबकुछ गुरुकुल प्रबंधन की लापरवाही से हुआ।” परिजनों का आरोप है कि आसाराम और उसके पुत्र ने दोनों बच्चों पर काला जादू किया था, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई।