दक्षिणी सियाचिन में हिमस्खलन से 2 जवानों की मौत

बयान में कहा गया है, “हिमस्खलन की चपेट में आए जवानों को बचाने के लिए तुरंत सेना के हेलीकॉप्र्ट्स को मौके पर भेजा गया। हालांकि, मेडिकल टीम के पूरे प्रयासों के बावजूद दो जवानों को नहीं बचाया जा सका।”

Written by: November 30, 2019 7:48 pm

नई दिल्ली। सेना का एक गश्ती दल लगभग 18 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित दक्षिणी सियाचिन ग्लेशियर में शनिवार को हुए हिमस्खलन में फंस गया, जिसके बाद दो जवानों की मौत हो गई। भारतीय सेना ने एक बयान में कहा, “सेना के गश्ती दल के बाद एक हिमस्खलन बचाव दल (एआरटी) तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा और अपने सभी सदस्यों का पता लगाने और उन्हें बाहर निकालने में कामयाब रहा।”

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बयान में कहा गया है, “हिमस्खलन की चपेट में आए जवानों को बचाने के लिए तुरंत सेना के हेलीकॉप्र्ट्स को मौके पर भेजा गया। हालांकि, मेडिकल टीम के पूरे प्रयासों के बावजूद दो जवानों को नहीं बचाया जा सका।” 18 नवंबर को भी सियाचिन ग्लेशियर के उत्तरी सेक्टर में हुए हिमस्खलन में चार जवानों और दो नागरिकों की मौत हो गई थी।


इससे पहले, सियाचिन ग्लेशियर में 18 नवंबर को भारतीय सेना की पोस्ट बर्फीले तूफान की चपेट में आ गई थी। इस घटना में 4 जवान शहीद हो गए थे, जबकि दो स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई। उस दिन 8 सदस्यों की पेट्रोलिंग टीम तूफान में फंसी थी।

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रेस्क्यू टीम ने तूफान में फंसे 8 सदस्यों को बाहर निकाल लिया, जिसमें 4 जवान इलाज के दौरान शहीद हो गए थे। मृतकों में दो स्थानीय लोग भी शामिल थे। बर्फीला तूफान नॉर्दन ग्लेशियर में आया, जहां ऊंचाई लगभग 18,000 फीट और उससे अधिक है। जिन जवानों को बर्फीले तूफान का सामना करना पड़ा, वे पेट्रोलिंग पार्टी का हिस्सा थे। इसमें 8 जवान थे और जब बर्फीला तूफान आया तो ये जब नॉर्दन ग्लेशियर में मौजूद थे।