मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को अयोध्या का फैसला मंजूर नहीं, दाखिल करेगा पुनर्विचार याचिका

बोर्ड की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि विवादित भूमि पर नमाज पढ़ी जाती थी और गुंबद के नीचे जन्मस्थान होने के कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर फैसले समझ के परे है।

Written by: November 17, 2019 4:09 pm

नई दिल्ली। अयोध्या मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के हक में फैसला सुनाया है। अब इस फैसले के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सलन लॉ बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें ये तय किया गया कि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दाखिल किया जाएगा। इसके साथ ही मुस्लिम बोर्ड ने कहा कि मस्जिद के लिए किसी और जगह जमीन मंजूर नहीं है।

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बोर्ड की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में माना कि विवादित भूमि पर नमाज पढ़ी जाती थी और गुंबद के नीचे जन्मस्थान होने के कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर फैसले समझ के परे है।

muslim law board

बोर्ड ने कहा कि हमने विवादित भूमि के लिए लड़ाई लड़ी थी, वही जमीन चाहिए। किसी और जमीन के लिए हमने लड़ाई नहीं लड़ी थी।

Ayodhya- supreme court

इससे पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक लखनऊ के मुमताज पीजी कॉलेज में हुई। बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष राबे हसन नदवी समेत असदुद्दीन ओवैसी और जफरयाब जिलानी भी मौजूद रहे। बैठक के दो प्रमुख एजेंडे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका लगाई जाए या नहीं और मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन स्वीकार की जाए या नहीं थे।

ayodhya

वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक के बाद जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी ने कहा था, हम जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर हमारी पिटीशन 100 प्रतिशत खारिज हो जाएगी। लेकिन हमें रिव्यू पिटीशन डालनी चाहिए। यह हमारा अधिकार है।

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