अयोध्या विवादः जानिए इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में क्या-क्या कहा

अयोध्या मामले पर शनिवार को फैसला सुना रहे सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की पीठ के अध्यक्ष प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा कि मामले का फैसला पीठ के सभी सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से लिया जाएगा।

Written by: November 9, 2019 12:43 pm

नई दिल्ली। अयोध्या मामले पर शनिवार को फैसला सुना रहे सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीशों की पीठ के अध्यक्ष प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा कि मामले का फैसला पीठ के सभी सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से लिया जाएगा। सीजेआई ने कहा कि फैसला पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।

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उन्होंने कहा कि लोगों के विश्वास को बनाए रखने के लिए संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। इस दौरान कोर्टरूम में वकीलों की भीड़ लगी हुई थी।

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खाली जमीन पर बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं हुआ था

भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने शनिवार को कहा कि इस बात के स्पष्ट सबूत हैं कि हिंदू मानते हैं कि भगवान राम विवादित स्थान पर पैदा हुए थे। उन्होंने यह बात खचाखच भरे अदालत कक्ष में अयोध्या भूमि विवाद का एकमत फैसला पढ़ते हुए कही। अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट में कही बात को मानते हुए कहा, “बाबरी मस्जिद का निर्माण खाली जमीन पर नहीं हुआ था। विवादित जमीन के नीचे एक ढांचा था और यह इस्लामिक ढांचा नहीं था।”

ranjan gogoi supreme court

अदालत ने कहा कि निर्मोही अखाड़े का दावा केवल प्रबंधन का है। सरकार ने अखाड़े की याचिका को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक योजना के तहत स्थापित न्यायालय को चाहिए कि वह उपासकों की आस्था और विश्वास में हस्तक्षेप करने से बचे। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता संविधान की मूल विशेषता है और अदालत को संतुलन बनाए रखना चाहिए। अदालत ने माना कि मीर बाकी द्वारा निर्मित मस्जिद बाबर के आदेश से बनी थी और मस्जिद के अंदर 1949 में मूर्तियों को रखा गया था।

ब्रिटिश साम्राज्य से पहले राम चबूतरा, सीता रसोई की पूजा के सबूत : एससी

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सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि इस बात के सबूत हैं कि अंग्रेजों के आने से पहले हिंदू राम चबूतरा, सीता रसोई की पूजा करते थे।

विवादित स्थान पर राम जन्म की हिंदू मान्यता के स्पष्ट सबूत : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को आयोध्या भूमि विवाद पर अपने फैसले में कहा कि हिंदुओं की इस बात का स्पष्ट सबूत है कि हिंदू मान्यता के अनुसार राम का जन्म विवादित स्थान पर हुआ था।

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सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा को जमीन देने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला गलत : एससी

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा को जमीन देने का इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला गलत था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2010 में विवादित भूमि पर फैसला सुनाया था।

अयोध्या में बुनियादी ढांचा इस्लामी नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि अयोध्या में बुनियादी ढांचा इस्लामी नहीं था।

रामलला न्यायिक संपत्ति है, ना कि राम जन्मभूमि : सुप्रीम कोर्ट

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सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अयोध्या मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि रामलला न्यायिक संपत्ति है ना कि राम जन्मभूमि।

केंद्र, उप्र सरकार मंदिर, मस्जिद निर्माण की निगरानी करेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद पर शनिवार को अपने फैसले में कहा कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार मंदिर, मस्जिद निर्माण की निगरानी करेंगे।

ट्रस्ट मंदिर का निर्माण करेगा : सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने शनिवार को अयोध्या विवाद पर अपने फैसले में कहा कि सरकार तीन महीने के भीतर ट्रस्ट बनाएगा और ट्रस्ट मंदिर का निर्माण करेगा।

राम मंदिर निर्माण के लिए 3 माह में ट्रस्ट बनाए सरकार : सुप्रीम कोर्ट

Ranjan Gogoi

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को आयोध्या जमीन विवाद मामले में राम जन्मभूमि न्यास को विवादीत जमीन देते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ट्रस्ट बनाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीन महीने में सरकार योजना बनाए। अदालत ने मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ वैकल्पिक जगह देने का आदेश दिया है।

सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए वैकल्पिक जमीन आवंटित की जाए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या विवाद में शनिवार को अपने फैसले में कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद निर्माण के लिए वैकल्पिक जमीन आवंटित की जाए।

ढांचा गिराना कानून व्यवस्था का उल्लंघन : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को आयोध्या जमीन विवाद मामले इस बात को माना कि ढांचा गिराना कानून व्यवस्था का उल्लंघन था। कोर्ट ने कहा कि आस्था और विश्वास के आधार पर मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता। अपना फैसला पढ़ते हुए अदालत ने कहा कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी। अदालत ने माना कि वहां पहले मंदिर था। एएसआई की रिपोर्ट को वैध माना और कहा कि खुदाई में जो मिला वह इस्लामिक ढांचा नहीं था।

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फैसला पढ़ते हुए शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने शिया वक्फ बोर्ड की याचिका खारिज कर दी है। अदालत की पीठ ने यह फैसला सर्वसम्मति से लिया। शिया बोर्ड ने मामले में याचिका दायर कर कहा था कि विवादित स्थल उसे सौंपा जाना चाहिए क्योंकि मस्जिद बनाने वाला शिया था। लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया।