जिस दिन आया अयोध्या का फैसला, उस दिन यूपी में था ‘रामराज्य’! सीएम योगी खुद कर रहे थे ये काम

सूबे में बीते ढाई साल में शनिवार को पहला मौका था जब पूरे प्रदेश में एक भी हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार और डकैती जैसी कोई वारदात नहीं हुई। इस तरह से फैसले के दिन यूपी पूरी तरह से अपराधमुक्त रहा।

Written by: November 13, 2019 4:37 pm

नई दिल्ली। 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या का फैसला सुनाया गया और इस दौरान देशभर के किसी भी राज्य से किसी प्रकार की कोई वारदात की खबर नहीं आई। खासकर उत्तर प्रदेश में उस दिन किसी प्रकार की कोई घटना नहीं हुआ और इसका जायजा खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ले रहे थे।

Ayodhya- supreme court

सूबे में बीते ढाई साल में शनिवार को पहला मौका था जब पूरे प्रदेश में एक भी हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार और डकैती जैसी कोई वारदात नहीं हुई। इस तरह से फैसले के दिन यूपी पूरी तरह से अपराधमुक्त रहा।

ayodhya verdict

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दिन उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन सतर्क था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद लगातार सक्रिय थे और पल पल की अपडेट ले रहे थे। इतना ही नहीं फैसले के दिन सीएम योगी यूपी 112 के कंट्रोल रूम में पहुंच गए। कंट्रोल रूम में पहुंचकर खुद ही प्रदेश के हर जिले के डीएम, एसएसपी और एसपी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत देने लगे।

UP CM Yogi Adityanath

सीएम योगी ने राज्य के सभी अधिकारियों को साफ लहजे में कह दिया था कि सुरक्षा प्रबंधों में किसी भी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। हालांकि योगी आदित्यनाथ और डीजीपी ओपी सिंह के बीच शुक्रवार से लेकर शनिवार देर शाम तक दर्जनों बार बातचीत हुई।

cm yogi adityanath

इसी का नतीजा था कि अयोध्या का जिस दिन फैसला आया, उस दिन प्रदेश में एक भी घटना नहीं हुई। अपराध पर नियंत्रण और नजर रखने के लिए डीजीपी मुख्यालय में कंट्रोल रूम है। यहां हर दिन अपराध की स्थिति, घटनाओं में क्या कार्रवाई हुई और बीते 24 घंटे में कौन-कौन सी वारदात हुई, इसपर नजर रखी जाती है।

security check up

अयोध्या पर फैसले वाले दिन यानी 9 नवंबर की घटनाओं के लिए जब जोन स्तर से डीजीपी मुख्यालय ने आंकड़े जुटाने शुरू किए तो हर जोन से गंभीर अपराध के सभी मामले शून्य-शून्य आने लगे। डीजीपी मुख्यालय को एक बार तो इन आंकड़ों पर विश्वास नहीं हुआ और जिलों से चेक कराने के बाद दोबारा आंकड़े मांगे गए तो भी यही आंकड़ा आया इससे सभी हैरत में थे।