CAA का विरोध करने वाले ममता के मंत्री को वीजा देने से बांग्लादेश ने किया इनकार

नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ आवाज उठाने वालों में सिद्दीकुल्ला भी एक हैं। माना जा रहा है कि बांग्लादेश इस मामले पर तटस्थ रहना चाहता है। इसी कारण उसने मंत्री को वीजा नहीं दिया।

Written by: December 26, 2019 9:56 am

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध करने वाले पश्चिम बंगाल के मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी को अपने एक निजी काम की वजह से बांग्लादेश की यात्रा करनी थी लेकिन अब उन्हें अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी क्योंकि बांग्लादेश की तरफ से उन्हें वीजा देने से इनकार कर दिया गया है।

siddiqullah

आपको बता दें कि बांग्लादेश के एक वरिष्ठ डिप्टी हाई कमीशन अधिकारी ने वीजा रद्द करने के दावे को न तो स्वीकार किया और न ही इनकार। उन्होंने केवल इतना कहा कि ढाका से जरूरी क्लीयरेंस अभी तक हमारे कोलकाता स्थित दफ्तर नहीं पहुंचा है। सिद्दीकुल्ला ने 23 दिसंबर को वीजा के लिए आवेदन किया था।

इस मामले में अधिकारी ने कहा, ‘हम कुछ मामलों में आवश्यक मंजूरी पाने के लिए ढाका के लिए वीजा आवेदनों को अग्रेषित करते हैं। ढाका से क्लीयरेंस अभी तक कोलकाता दफ्तर नहीं पहुंचा है। हमारा दफ्तर बुधवार को क्रिसमस के कारण बंद था।’

Bangladesh High Commission

जमीयत-ए-उलेमा हिंद के बंगाल अध्यक्ष भी हैं

गौरतलब है कि सिद्दीकुल्ला की यह यात्रा गुरुवार से शुरू होनी थी। वह जमीयत-ए-उलेमा हिंद के बंगाल अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि यह उनकी पूरी तरह से निजी यात्रा थी। जिसे पश्चिम बंगाल की सरकार और विदेश मंत्रालय की तरफ से मंजूरी मिली थी। मंत्री ने कहा, ‘मेरा स्टाफ तीन बार वीजा कार्यालय गया था।’

मंत्री का कजिन कैंसर से पीड़ित

सिद्दीकुल्ला ने उन परिस्थितियों के बारे में बताया जिसके कारण उनके लिए यात्रा करना जरूरी था। उन्होंने कहा, ‘ढाका में रहना वाला मेरा कजिन कैंसर से पीड़ित है। सिलहट में एक रिश्तेदार की हाल ही में मौत हुई है। मुझे सिलहट में एक मदरसे के शताब्दी समारोह के लिए भी आमंत्रित किया गया था। मैं वहां अपनी पत्नी, बेटी और नातिन के साथ जाने वाला था। बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन को सब कुछ बताया गया था।’

home affairs

इसलिए नहीं दिया वीजा!

नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ आवाज उठाने वालों में सिद्दीकुल्ला भी एक हैं। माना जा रहा है कि बांग्लादेश इस मामले पर तटस्थ रहना चाहता है। इसी कारण उसने मंत्री को वीजा नहीं दिया। सिद्दीकुल्ला का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय को अपनी यात्रा के बारे में पांच दिसंबर को जानकारी दे दी थी और उन्हें आठ दिसंबर को मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार से इजाजत मांगी थी जो उन्हें 13 दिसंबर को मिल गई थी।