अब बार काउंसिल ने माना तीस हजारी मामले में नहीं हो सकती है पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी, उपद्रव करने वाले वकीलों के नाम मांगे

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने इस चिट्ठी में लिखा है कि वकीलों ने अपने खिलाफ जांच पूरी होने तक किसी भी तरह के जोर जबरदस्ती के कदम उठाए जाने से रोकने की मांग की थी। इसे मान लिया गया है।

Avatar Written by: November 5, 2019 1:11 pm

नई दिल्ली। तीस हजारी मामले में एक नया मोड़ आ गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक चिट्ठी लिखकर सभी बार एसोसिएशन से शांति बनाए रखने की अपील की है। बार काउंसिल ने उस वजह का खुलासा भी किया है जिसके चलते पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी अभी मुमकिन नहीं है।

Tees Hazari Court

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने इस चिट्ठी में लिखा है कि वकीलों ने अपने खिलाफ जांच पूरी होने तक किसी भी तरह के जोर जबरदस्ती के कदम उठाए जाने से रोकने की मांग की थी। इसे मान लिया गया है। ऐसे में जांच पूरी होने तक यही नियम पुलिसकर्मियों पर भी लागू होता है और उनकी गिरफ्तारी फिलहाल नहीं हो सकती है जब तक जांच पूरी ना हो जाए।

Delhi tees Hazari court

इस चिट्ठी में बार काउंसिल ने उन वीडियो का भी जिक्र किया है जो पुलिसकर्मियों की ओर से पेश किए जा रहे हैं। इन वीडियो फुटेज में वकीलों के द्वारा की जा रही मारपीट और उत्पात की तस्वीरें हैं। बार काउंसिल ने चेताया है कि जांच पड़ताल में यह उनके खिलाफ जा सकती हैं। साथ ही बार काउंसिल ने कोर्ट परिसर में हिंसा तुरंत रोकने की अपील भी की है।

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बार काउंसिल के मुताबिक साकेत कोर्ट में वकीलों की ओर से पुलिस की पिटाई का वीडियो बेहद अनुचित है।ऐसी घटनाएं उन्हें नुकसान कर रही हैं। बार काउंसिल के मुताबिक इन सबूतों की अनदेखी नहीं की जा सकती है। बार काउंसिल ने कल तक ऐसे वकीलों के नाम मांगे हैं उन पर कार्यवाही की जाएगी।

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बार काउंसिल के मुताबिक आईबी इस मामले में जांच कर रही है। सीबीआई ने भी संज्ञान लिया हुआ है। चुनाव नजदीक आ रहे हैं। ऐसे में जो वकील हिंसा और उपद्रव में लिप्त पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। बार काउंसिल ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने वकीलों की समस्याओं का संज्ञान लिया है और उन्हें राहत दी है। इस बात का आभारी रहना चाहिए।