अब ‘धर्म’ से ‘आयुर्वेद’ की ओर चले बीएचयू के प्रोफेसर फिरोज खान, खत्म हुआ विरोध

बीएचयू में डॉक्टर फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के अब शांत होने की संभावना बढ़ती जा रही है। इसके पीछे का कारण फिरोज खान का आयुर्वेद विभाग की ओर कदम बढ़ाना है।

Avatar Written by: November 29, 2019 5:35 pm

नई दिल्ली। बीएचयू में डॉक्टर फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के अब शांत होने की संभावना बढ़ती जा रही है। इसके पीछे का कारण फिरोज खान का आयुर्वेद विभाग की ओर कदम बढ़ाना है। अब बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत धर्म संकाय में मुस्लिम प्रोफेसर डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन बंद हो चुका है। प्रोफेसर डॉ फ़िरोज़ खान आयुर्वेद विभाग में इंटरव्यू देकर यहां अध्यापन की राह पर हैं।

BHU Sanskrit

डॉक्टर फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर सबसे बड़ा विवाद संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय को लेकर था। परंपरा के मुताबिक किसी भी गैर हिंदू को इसमें आज तक अध्यापन करते हुए नहीं देखा गया है। यही वजह है प्रोफेसर फिरोज खान की इस विभाग में नियुक्ति होते ही हंगामा मच गया। मगर अब वह आयुर्वेद विभाग में अध्यापन की राह पर हैं।

DR. Firoz Khan BHU

फिरोज खान ने बीएचयू के दो विभागों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर आवेदन किया था। एक संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय और दूसरा आयुर्वेद विभाग में। बीएचयू की वेबसाइट के मुताबिक, मई 2019 में यह विज्ञापन निकाला गया था। इसमें आवेदन की अंतिम तारीख 26 जून थी। फ़िरोज़ खान ने संस्कृत और आयुर्वेद विभाग में आवेदन दिया था।

BHU svdv Protest

संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान विभाग में फिरोज खान की नियुक्ति का विरोध कर रहे छात्रों के मुताबिक वे प्रोफेसर फिरोज खान का विरोध नहीं कर रहे थे। उनका विरोध नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता के खिलाफ था। इस मामले में आरएसएस ने भी प्रोफेसर का समर्थन करते कहा था कि एक भाषा को पढ़ाने के लिए शिक्षक का धर्म देखना सही नहीं है।