राज्यसभा चुनाव: यूपी में एक सीट बनी भाजपा और सपा-बसपा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई

Written by: March 22, 2018 12:21 pm

नई दिल्ली। शुक्रवार को होने वाले राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और सपा-बसपा के बीच महज एक सीट को लेकर प्रतिष्ठा की लड़ाई है। यूपी के कोटे में राज्यसभा के लिए पूरे दस सीटें हैं, मगर एक सीट पर वोटों के समीकरण कुछ इस तरह है कि भाजपा, सपा-बसपा इसे जीतने के लिए हरजोर आजमाइश लगाने में पूरी तरह से जुटी है।

सूबे के मौजूदा विधायकों की संख्या के लिहाज से भाजपा के 8 और सपा के एक सदस्य की जीत तय है। भाजपा के 9वें उम्मीदवार के उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। माना जा रहा है कि इस एक सीट पर भाजपा के अनिल अग्रवाल और बसपा के उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर में जबरदस्त टक्कर देखने को मिल सकती है।

इस सीट को जीतने के लिए भाजपा और विपक्ष ने अपनी-अपनी नाक की लड़ाई बना ली है। दोनों एक दूसरे के वोटों में सेंधमारी करने की जद्दोजहद में जुटे हैं। भाजपा हर हाल में 9वें सीट पर जीत की रणनीति बनाने में जुटी है। दूसरी ओर अखिलेश ने भी भाजपा को हराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।

दरअसल सूबे की सभी पार्टियां अपना-अपना किला बचाने के लिए डिनर डिप्लोमेसी में जुटी हैं। एक राज्यसभा सीट को जीतने के लिए 37 वोटों की जरूरत है। भाजपा अपने सहयोगियों के साथ 8 राज्यसभा सीटों पर आसानी से जीत जाएगी। इसके बाद 28 वोट अतरिक्त बचते हैं। ऐसे में 9वीं सीट जीतने के लिए उसे 9 और वोटों की जरूरत पड़ेगी।

वहीं सपा की एक सीट जीतने के बाद 10 अतरिक्त वोट बचते हैं जिसे बसपा उम्मीदवार को देने का ऐलान किया है।विपक्ष के लिए दसवीं सीट जीतने के लिए निर्दलीय विधायकों के सहयोग के साथ-साथ अपना कुनबा बचाए रखने की चुनौती है।

राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर से दावतों का सियासी दांव भी चला जा रहा है। बुधवार शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अलग-अलग डिनर का आयोजन किया। राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और प्रमुख विपक्षी दल एसपी असंतुष्ट विधायकों को अपने खेमे में खींचने की कोशिशें कर रहे हैं।

सीएम योगी की डिनर पार्टी में सपा से बगावत कर भाजपा का दामन थामने वाले नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल और निर्दलीय विधायक अमन मणि त्रिपाठी शामिल हुए। भाजपा से नाराज चल रहे ओमप्रकाश राजभर को मना लिया गया है। सीएम योगी के डिनर में ओमप्रकाश राजभर मंच पर मौजूद रहे। 

बीएसपी प्रमुख मायावती ने अपने एकलौते राज्यसभा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को जिताने के लिए लखनऊ में डेरा जमा रखा है। उपचुनाव में भाजपा को पटकनी के देने के बाद अखिलेश यादव अब राज्यसभा में भी करारी मात देने की कोशिश में जुट गए हैं। रूठों को साधने की कवायद में सपा की ये दावत रखी गई थी। भतीजे अखिलेश के न्योते पर चाचा शिवपाल यादव तमाम आशंकाओं और चर्चाओं को गलत साबित करते हुए डिनर में पहुंचे। अखिलेश और शिवपाल के बीच रस्साकसी के बाद ये पहला मौका था जब दोनों चाचा-भतीजे सार्वजनिक मंच पर एक साथ दिखे। डिनर के बाद शिवपाल बाहर आए तो दो टूक कहा, ‘अखिलेश के लिए पहले भी आशीर्वाद था और आगे भी रहेगा।’

सपा की दावत में शिवपाल ही नहीं कुंडा के बाहुबली निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने डिनर में पहुंचकर सबको चौंकाया। अखिलेश के पास बैठकर राजा भैया ने संकेत साफ दे दिए हैं कि वो सत्ता के साथ नहीं बल्कि विपक्ष के साथ हैं।