मोदी कैबिनेट से JDU बाहर तो बिहार में नीतीश कैबिनेट विस्तार से भाजपा बाहर

जिस तरीके नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक चाल बदली है उसको देखते हुए माना जा रहा है कि ये बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों का संकेत है। दरअसल भाजपा के कुछ फोकस मुद्दे ऐसे हैं जिसमें जेडीयू का रुख बीजेपी से अलग रहा है।

Written by: June 2, 2019 12:26 pm

पटना। 30 मई को जब मोदी सरकार-2 की कैबिनेट ने शपथ लिया तो उसमें से जेडीयू बाहर रही और कहा कि वो मोदी सरकार को बाहर से समर्थन देगी। दरअसल नीतीश कुमार जेडीयू के तीन सांसदों को मोदी कैबिनेट में मंत्री बनवाना चाहते थे लेकिन सहमति नहीं बन पाई और शपथ ग्रहण से ठीक पहले जेडीयू ने मोदी सरकार को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया।

इसके कुछ दिन बाद ही 2 जून को नीतीश कुमार ने भी बिहार में अपने कैबिनेट का विस्तार किया तो उसमें भाजपा को बाहर रखा है। बता दें कि इस कैबिनेट विस्तार में जेडीयू के 8 विधायकों को मंत्री बनाया गया है। दरअसल जनता दल (युनाइटेड) के कई विधायकों के सांसद बन जाने के बाद खाली हुए मंत्री पद भरने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज (रविवार) मंत्रिमंडल का विस्तार किया है।

जिन विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली उनमेंं नरेंद्र नारायण यादव, श्याम रजक, अशोक चौधरी, बीमा भारती, संजय झा, रामसेवक सिंह, नीरज कुमार और लक्ष्मेश्वर राय के नाम शामिल हैं।

इसको लेकर सीएम नीतीश कुमार ने शनिवार को राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की थी। इन सभी मंत्रियों को रविवार सुबह 11. 30 बजे राजभवन में शपथ दिलाई गई। बता दें कि नीतीश कुमार ने काफी लंबे समय बाद कैबिनेट विस्तार किया है।

जिस तरीके नीतीश कुमार ने अपनी राजनीतिक चाल बदली है उसको देखते हुए माना जा रहा है कि ये बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों का संकेत है। दरअसल भाजपा के कुछ फोकस मुद्दे ऐसे हैं जिसमें जेडीयू का रुख बीजेपी से अलग रहा है। जिनमें संविधान की धारा 370 हटाना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक और समान नागरिक कानून जैसे मामले शामिल हैं।