बीजेपी का दावा- अल्पमत में कमलनाथ सरकार, विशेष सत्र बुलाने की मांग

लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों के बाद अब मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। एमपी बीजेपी ने कमलनाथ सरकार के अल्पमत में होने का दावा कर दिया है। बीजेपी ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करने की बात कही है। तो वहीं कमलनाथ सरकार ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार बेहद मजबूत है।

Written by: May 20, 2019 3:57 pm

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों के बाद अब मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। एमपी बीजेपी ने कमलनाथ सरकार के अल्पमत में होने का दावा कर दिया है। बीजेपी ने राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग करने की बात कही है। तो वहीं कमलनाथ सरकार ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार बेहद मजबूत है।

मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने दावा किया, ‘कमलनाथ सरकार अपने आप गिर जाएगी। मैं खरीद-फरोख्त पर यकीन नहीं करता लेकिन इसका समय आ गया है और यह जल्द ही होगा। हम विधानसभा सत्र बुलाने के लिए गवर्नर को पत्र भेज रहे हैं।’

विशेष सत्र बुलाने पर भार्गव की दलील
बीजेपी नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष गोपाल भार्गव ने हालांकि इस बात से इनकार किया कि उन्होंने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग कमलनाथ सरकार के शक्ति परीक्षण के लिए की है। भार्गव ने कहा, ‘6 महीने चुनाव को हो गए हैं। 11 दिसंबर को राज्य में विधानसभा चुनाव हुआ था। राज्य में लोग कमलनाथ सरकार खुश नहीं हैं। चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजे भी साफ बता रहे हैं कि कांग्रेस के पास अब जनमत नहीं है। इस पर विधानसभा पर चर्चा होनी चाहिए।

कमलनाथ सरकार ने बीजेपी को जवाब देते हुए कहा, ‘सरकार, मजबूत है, बीजेपी दिन में सपने देखा बंद करे।’ कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा, ‘जो संसदीय नियम और प्रक्रिया है, उसके मुताबिक विधानसभा का विशेष सत्र तभी बुलाया जा सकता है जब एक निश्चित अनुपात में विधायक यह मांग रखें या फिर मुख्यमंत्री सत्र आहूत करें।’

बता दें कि 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने शिवराज सरकार को शिकस्त देकर सत्ता हासिल की थी। 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 114, बीजेपी को 109, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) को 2, समाजवादी पार्टी (एसपी) को एक और निर्दलियों को 4 सीटों पर जीत मिली थी। बीएसपी और अन्य निर्दलीय विधायकों ने कमलनाथ सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया था।

बात करें लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों की, तो मध्य प्रदेश में अधिकांश सीटें बीजेपी के खाते में जाने का अनुमान है। टाइम्स नाउ-वीएमआर के सर्वे की मानें तो कांग्रेस को पिछले बार के मुकाबले कुछ सीटें बढ़ सकती हैं।