भाजपा का ‘प्लान 2014’ दोहराने की तैयारी, शिवसेना नहीं मानी तो इस तरह बन जाएगी सरकार

इस प्लान को जानने के लिए बीजेपी सरकार के 2014 के बहुमत परीक्षण को देखना जरूरी होगा। इस बहुमत परीक्षण में शिवसेना आखिर तक बीजेपी के खिलाफ खड़ी थी लेकिन अंतिम समय में अपरोक्ष रूप से उसे बीजेपी के साथ आना पड़ा था।

Avatar Written by: October 30, 2019 10:42 am

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में भाजपा फिर से अपनी सरकार बना सकती है लेकिन इस बार अगर शिवसेना नहीं मानी तो भी राज्य में भाजपा की सरकार बन सकती है। इसके लिए भाजपा प्लान 2014 को दोहराने की तैयैरी में है। दरअसल, सूत्रों के माने तो भाजपा अकेले सरकार बनाने की तैयारी में है। हालांकि, ये थोड़ा मुश्किल है लेकिन भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह की कार्यशैली ऐसी है कि वो राज्य में एक बार फिर से भाजपा की सरकार बनवा सकते हैं।

amit shah

 

इस प्लान को जानने के लिए बीजेपी सरकार के 2014 के बहुमत परीक्षण को देखना जरूरी होगा। इस बहुमत परीक्षण में शिवसेना आखिर तक बीजेपी के खिलाफ खड़ी थी लेकिन अंतिम समय में अपरोक्ष रूप से उसे बीजेपी के साथ आना पड़ा था।

Amit Shah

ये है बीजेपी का मास्टर प्लान- प्लान 2014

बीजेपी के मास्टर प्लान के अनुसार यदि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) 2014 की तरह विश्वासमत के समय सदन से वॉकआउट कर जाए तो सरकार अपना बहुमत सिद्ध कर सकती है। दरअसल 288 सदस्यों वाले महाराष्ट्र विधानसभा में अगर 54 सदस्यों वाली एनसीपी बहुमत के खेल से बाहर हो जाती है तो यह संख्या 234 रह जाएगी। यानी बहुमत का आकड़ा 118 हो जाएगा, जिसमें बीजेपी के पास 105 सीटें हैं, ऐसी स्थिति में उसे सिर्फ 13 विधायकों की जरूरत पड़ेगी।

Devendra Fadnavis

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों में 13 निर्दलीय विधायक चुनकर आए हैं और 15 से उपर छोटे दलों के विधायक हैं। ऐसे में अगर फॉर्मूला 2014 काम करता है तो बीजेपी के लिए सत्ता का रास्ता आसान हो जाएगा। हालांकि एनसीपी ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। कभी वो शिवसेना का साथ देने के संकेत देती है तो कभी विपक्ष में बैठने का। लेकिन राजनीति के माहिर खिलाड़ी शरद पवार किस मौके पर कौन सा दांव खेलेंगे इसका सिर्फ अंदाजा लगाया जा सकता है।

चुनाव नतीजों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दूर

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बता दें कि पिछले हफ्ते गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के आए नतीजों में बीजेपी 105 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं उसकी सहयोगी शिवसेना ने 56 सीटों पर अपना कब्जा जमाया है। एनसीपी के खाते में 54 सीटें आई हैं जबकि कांग्रेस 44 सीटें जीतकर चौथे स्थान पर रही है।