बॉम्बे हाईकोर्ट ने पत्रकार पूनम अग्रवाल के खिलाफ मामला किया रद्द

केरल के जवान रॉय मैथ्यू का स्टिंग करने वाली ‘द क्विंट’ की महिला पत्रकार पूनम अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद आज इसमें बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है।

Written by: April 18, 2019 7:03 pm

नई दिल्ली। केरल के जवान रॉय मैथ्यू का स्टिंग करने वाली ‘द क्विंट’ की महिला पत्रकार पूनम अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद आज इसमें बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति रंजीत मोरे और न्यायमूर्ति भारती डांग्रे ने मामले को रद्द करते हुए कहा कि आरोपी पत्रकार पूनम अग्रवाल ने ऐसा कुछ नहीं किया है जिससे राष्ट्रीय हित प्रभावित हो। अदालत ने यह भी कहा कि मौजूदा मामले में सेना का रवैया ‘प्रतिशोधी’ रहा है।

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नासिक के देवलाली कैंप पुलिस ने 27 मार्च 2017 को अग्रवाल और सेवानिवृत्त सैनिक दीपचंद सिंह के खिलाफ जवान जॉय मैथ्यू को खुदकुशी के लिए उकसाने और अनाधिकार प्रवेश करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धाराओं में मामला दर्ज किया था। इसके अलावा उनपर प्रतिबंधित क्षेत्र में स्टिंग ऑपरेशन करने के लिए सरकारी गोपनीयता कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। मैथ्यू सेना में सहायक थे और उन्होंने सात फरवरी 2017 को कथित रूप से खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद मामला दर्ज किया गया था।

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बता दें कि भारतीय सेना में सहायक सिस्टम पर सवाल उठाने वाले दिवंगत लांस नायक रॉय मैथ्यू के आत्महत्या करने के लगभग एक महीने बाद पत्रकार पूनम अग्रवाल पर आपराधिक केस दर्ज किया गया था। सेना की शिकायत पर उनके खिलाफ शासकीय गोपनीयता कानून और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306, 451, 500 और 34 के तहत केस दर्ज हुआ था।

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अपने स्टिंग में न्यूज वेबसाइट ‘द क्विंट’ की पत्रकार पूनम अग्रवाल ने लांस नायक रॉय का इंटरव्यू किया था, जिसके सामने आने के बाद रॉय ने आत्महत्या कर ली थी। ‘द क्विंट’ ने 24 फरवरी को इस स्टिंग को पब्लिश किया था, जिसमें जवानों के साथ हो रहे बुरे बर्ताव के बारे में बताया गया था। हालांकि, इस वीडियो में जवानों की पहचान जाहिर नहीं की गई थी, लेकिन वीडियो में दिखाए गए जवानों में से एक की मौत होने के बाद ‘द क्विंट’ ने 3 मार्च को इस स्टोरी को हटा दिया था।